केरल को टीबी-मुक्त बनाने की मुहिम में शामिल हुआ 45 लाख महिलाओं का संगठन 'कुडुम्बश्री'
केरल सरकार अपने महत्वाकांक्षी ‘टीबी-मुक्त’ अभियान को ज़मीनी स्तर पर तेज़ी से आगे बढ़ा रही है। इस मुहिम को बड़ा बल तब मिला जब राज्य के सबसे विशाल महिला सामुदायिक नेटवर्क 'कुडुम्बश्री' ने स्वास्थ्य…
केरल सरकार अपने महत्वाकांक्षी ‘टीबी-मुक्त’ अभियान को ज़मीनी स्तर पर तेज़ी से आगे बढ़ा रही है। इस मुहिम को बड़ा बल तब मिला जब राज्य के सबसे विशाल महिला सामुदायिक नेटवर्क 'कुडुम्बश्री' ने स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर काम करने का फैसला किया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस साझेदारी का लक्ष्य तपेदिक (टीबी) के बारे में जागरूकता फैलाना और शुरुआती स्तर पर ही मरीज़ों की पहचान सुनिश्चित करना है।
कुडुम्बश्री, जो 1998 में शुरू हुआ दुनिया के सबसे बड़े महिला स्वयं-सहायता नेटवर्क में से एक है, 45 लाख से अधिक सदस्यों के साथ गांवों और शहरी इलाकों में गहरी पैठ रखता है। स्वास्थ्य अधिकारियों का मानना है कि टीबी उन्मूलन के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सामुदायिक भागीदारी बेहद ज़रूरी है, और कुडुम्बश्री इस अभियान का सबसे मज़बूत सामुदायिक भागीदार बन सकता है।
प्रशिक्षण और सामुदायिक सहभागिता
सरकार के 100-दिवसीय गहन अभियान के तहत, राज्य टीबी सेल ने कुडुम्बश्री के अधिकारियों को प्रशिक्षण देना शुरू कर दिया है। इस दौरान उन्हें टीबी के लक्षण, इसके फैलने के तरीके, निदान की सुविधाओं, उपचार के नियमों और पोषण के महत्व के बारे में जानकारी दी जा रही है। प्रशिक्षण का एक अहम हिस्सा इस बीमारी से जुड़े सामाजिक कलंक को दूर करने पर केंद्रित है, क्योंकि इसी वजह से लोग अक्सर जांच और इलाज में देरी करते हैं।
प्रशिक्षित अधिकारी अब अपने समुदायों में लोगों को शुरुआती लक्षणों वाले मरीज़ों की पहचान करने और उन्हें जांच के लिए प्रोत्साहित करने में मदद करेंगे। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करेंगे कि जिन लोगों में टीबी की पुष्टि हुई है, वे अपना इलाज बिना किसी बाधा के पूरा करें।
तकनीक और संकल्प
इस कार्यक्रम में शामिल सदस्यों को 'टीबी मुक्त भारत' मोबाइल एप्लिकेशन के बारे में भी बताया गया, जो राष्ट्रीय तपेदिक उन्मूलन कार्यक्रम का समर्थन करता है और सामुदायिक भागीदारी को मज़बूत बनाता है। कार्यक्रम के समापन पर कुडुम्बश्री के अधिकारियों ने संकल्प लिया कि वे जागरूकता फैलाकर और लोगों को चिकित्सा सहायता लेने के लिए प्रोत्साहित कर इस अभियान में सक्रिय रूप से सहयोग करेंगे।
इनपुट: IANS



