कोलकाता: अमेरिकी सेंटर हमले के मास्टरमाइंड की जेल कोठरी से मोबाइल बरामद, अब STF करेगी जांच
अमेरिकी सेंटर हमले के मास्टरमाइंड और उम्रकैद की सजा काट रहे आतंकी आफताब अंसारी की जेल की कोठरी से मोबाइल फोन और अन्य उपकरण मिलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सोमवार को…
अमेरिकी सेंटर हमले के मास्टरमाइंड और उम्रकैद की सजा काट रहे आतंकी आफताब अंसारी की जेल की कोठरी से मोबाइल फोन और अन्य उपकरण मिलने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, सोमवार को कोलकाता पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने इस सनसनीखेज मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। यह घटना प्रेसिडेंसी सेंट्रल करेक्शनल होम की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
पिछले हफ्ते कोलकाता पुलिस के जासूसी विभाग (डिटेक्टिव डिपार्टमेंट) ने अंसारी की सेल पर छापा मारा था। इस कार्रवाई में तीन मोबाइल फोन, जो सक्रिय इंटरनेट से जुड़े थे, और 31,000 रुपये नकद बरामद हुए। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि अंसारी के कपड़ों और बिस्तर से दो राउटर, एक वाई-फाई डिवाइस, दो कार्ड रीडर, एक पेन ड्राइव और ईयरफोन भी मिले।
जेल में हाई-टेक कैदी
आफताब अंसारी प्रेसिडेंसी जेल के 1/22 वार्ड की सेल नंबर 14 में बंद है। इसी वार्ड में कई अन्य हाई-प्रोफाइल मामलों के आरोपी भी रखे गए हैं। जानकारी के मुताबिक, भाजपा नेता मनीष शुक्ला हत्याकांड के आरोपी सुबोध रॉय (सेल नंबर 52) और अनीश ठाकुर (सेल नंबर 19) की कोठरियों से भी स्मार्टफोन बरामद किए गए हैं। इन घटनाओं से यह सवाल उठ रहा है कि आखिर कड़ी सुरक्षा वाली जेल के अंदर कैदियों तक ये उपकरण कैसे पहुंच रहे हैं।
शुक्रवार रात को हुई इस छापेमारी के बाद हेस्टिंग्स पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया था। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि इसमें जेल के अधिकारियों या कर्मचारियों की कोई मिलीभगत तो नहीं है।
जांच का दायरा और बड़े सवाल
एसटीएफ की जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना होगा कि अंसारी इन उपकरणों का इस्तेमाल कर किन लोगों के संपर्क में था। जांचकर्ता यह भी जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या जेल के अंदर से पाकिस्तान में कोई संपर्क साधा गया था या कोई नई साजिश रची जा रही थी। बरामद उपकरणों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। सूत्रों ने बताया कि जब्त किए गए फोन में व्हाट्सएप और टेलीग्राम जैसे ऐप भी मौजूद थे।
गौरतलब है कि आफताब अंसारी प्रतिबंधित आतंकी संगठन आसिफ रजा कमांडो (एआरसी) का पूर्व संचालक रहा है, जिसके तार पाकिस्तान स्थित हरकत-उल-जिहाद-ए-इस्लामी (हूजी) और जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) जैसे संगठनों से जुड़े बताए जाते हैं।
IANS की रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जेलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल और नशीले पदार्थों के कारोबार पर कड़ा रुख अपनाया था। उन्होंने मई में अपराध जांच विभाग (सीआईडी) को यह जांच करने का निर्देश दिया था कि कैदियों तक फोन कैसे पहुंच रहे हैं। वह जांच अभी भी जारी है।
इनपुट: IANS



