कौशांबी पटाखा फैक्ट्री हादसा: PM मोदी और CM योगी ने की आर्थिक मदद की घोषणा, 11 लोगों की हुई थी मौत
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है। इस हादसे में 11 लोगों की जान चली गई थी…
उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण अग्निकांड पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गहरा दुख व्यक्त किया है। इस हादसे में 11 लोगों की जान चली गई थी। केंद्र और राज्य सरकार, दोनों ने मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी संवेदनाएं प्रकट करते हुए लिखा, "उत्तर प्रदेश के कौशांबी में एक पटाखा फैक्ट्री में हुए हादसे में लोगों की मौत से बहुत दुख हुआ है। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं। घायल लोग जल्द स्वस्थ हों।"
केंद्र और राज्य सरकार की ओर से मदद
प्रधानमंत्री ने घोषणा की है कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से प्रत्येक मृतक के निकटतम परिजन को 2-2 लाख रुपये की अनुग्रह राशि दी जाएगी। वहीं, हादसे में घायल हुए लोगों को 50,000 रुपये की आर्थिक मदद मिलेगी। इसके अलावा, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।
सीएम योगी ने घटना को 'अत्यंत दुःखद एवं हृदय विदारक' बताते हुए अधिकारियों को घायलों का समुचित इलाज सुनिश्चित करने और पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
क्या हुआ था कौशांबी में?
यह दर्दनाक हादसा कौशांबी जिले के पिपरी थाना क्षेत्र के मनौरी बाजार में सोमवार को हुआ। एक पटाखा फैक्ट्री में भीषण आग लगने के बाद कई धमाके हुए, जिसकी चपेट में आकर कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई और पांच अन्य घायल हो गए। प्रशासन के मुताबिक, पांचों घायलों का इलाज प्रयागराज के स्वरूप रानी नेहरू (एसआरएन) अस्पताल में चल रहा है।
प्रशासन का सख्त कार्रवाई का आश्वासन
जिला मजिस्ट्रेट ने इस त्रासदी के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे और सरकारी निर्देशों के तहत संपत्ति जब्त करने जैसे कड़े कदम भी उठाए जाएंगे। घटना के बाद से ही राहत और बचाव कार्य जारी है, क्योंकि अधिकारियों को आशंका है कि मलबे में और भी लोग दबे हो सकते हैं।
इनपुट: IANS



