कोलकाता में डेंगू के खिलाफ़ KMC और मेट्रो रेलवे का संयुक्त अभियान, 3 सितंबर तक चलेगा विशेष कार्यक्रम
कोलकाता में डेंगू के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए कोलकाता नगर निगम (KMC) और मेट्रो रेलवे ने मिलकर एक बड़ा कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दोनों संस्थाओं ने शनिवार से शहर में एक 'विशेष…
कोलकाता में डेंगू के बढ़ते खतरे से निपटने के लिए कोलकाता नगर निगम (KMC) और मेट्रो रेलवे ने मिलकर एक बड़ा कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, दोनों संस्थाओं ने शनिवार से शहर में एक 'विशेष अभियान' की शुरुआत की है, जिसका लक्ष्य डेंगू के मच्छरों के पनपने की जगहों को खत्म करना है। यह संयुक्त प्रयास 3 सितंबर तक जारी रहेगा।
इस अभियान की शुरुआत कोलकाता के व्यस्त एस्प्लेनेड मेट्रो स्टेशन क्षेत्र से की गई। इसका नेतृत्व संयुक्त रूप से KMC प्रशासक स्मिता पांडे और मेट्रो रेलवे कोलकाता की प्रधान मुख्य चिकित्सा अधिकारी (पीसीएमओ) रीना मुखर्जी कर रही हैं। अभियान के शुभारंभ के अवसर पर पश्चिम बंगाल के नगर मामलों और शहरी विकास मंत्री अग्निमित्रा पॉल भी मौजूद थीं।
साफ-सफाई और सख्त कार्रवाई
अभियान के तहत, शहर के सभी मेट्रो स्टेशनों और उनके आसपास के इलाकों के साथ-साथ दक्षिण पूर्वी रेलवे के विभिन्न स्टेशनों और ट्रेन कार शेड क्षेत्रों में भी सफाई और जांच की जाएगी। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि रेलवे आवास क्षेत्रों में जिन खाली ज़मीनों या परिसरों में झाड़ियों के कारण पानी जमा हो रहा है, उनके मालिकों को नगर निगम अधिनियम, 1994 की धारा 496 के तहत नोटिस भेजे जाएंगे। इसके अलावा, प्रतिबंधित प्लास्टिक या गंदगी फेंकने पर 200 से 400 रुपए तक का जुर्माना लगाया जाएगा।
यही नहीं, कहीं भी थूकने या गंदगी फैलाने वालों पर न केवल जुर्माना होगा, बल्कि उन्हें उस जगह को खुद साफ करने की चेतावनी भी दी जाएगी। इस पूरी घटना को कैमरे में रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड करने का भी प्रावधान है।
जनता की भागीदारी पर ज़ोर
मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने इस मौके पर कहा कि डेंगू उन्मूलन सिर्फ सरकार की लड़ाई नहीं है, बल्कि इसे एक जन आंदोलन बनाना होगा। उन्होंने कहा, "आम आदमी के जागरूक न होने पर डेंगू का उन्मूलन नहीं हो सकता।" उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों या टंकियों में पानी जमा न होने दें और पानी की टंकियों की नियमित सफाई करें। साथ ही, उन्होंने फुटपाथों पर अतिक्रमण न करने और व्यापारियों से आवागमन के लिए दो-तिहाई जगह खाली रखने का भी आग्रह किया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा और इसे सिंचाई व लोक निर्माण जैसे अन्य सरकारी विभागों के साथ मिलकर पूरे राज्य में चलाया जाएगा।
इनपुट: IANS



