किश्तवाड़ रेप-मर्डर मामला: पीड़िता के पिता ने कहा- क्राइम ब्रांच की जांच से संतुष्ट हूँ, मेरी अनुमति के बिना केस न हो
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार और हत्या के मामले में पीड़िता के पिता ने एक अहम अपील की है। उन्होंने कहा है कि वह इस मामले की जांच जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने…
जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में एक नाबालिग लड़की से बलात्कार और हत्या के मामले में पीड़िता के पिता ने एक अहम अपील की है। उन्होंने कहा है कि वह इस मामले की जांच जम्मू-कश्मीर क्राइम ब्रांच को सौंपे जाने से पूरी तरह संतुष्ट हैं और चाहते हैं कि उनकी अनुमति के बिना कोई भी इस संबंध में कानूनी मामला दर्ज न कराए। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, यह अपील एक सोशल मीडिया वीडियो के माध्यम से सामने आई है।
20 अगस्त को किश्तवाड़ में हुई इस 15 वर्षीय लड़की के साथ हुई दरिंदगी की घटना ने पूरे समाज को हिलाकर रख दिया था, जिसके बाद दोषियों के लिए कठोरतम सज़ा की मांग उठ रही थी।
पिता की वीडियो अपील
सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में, पीड़िता के पिता को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उन्हें जानकारी मिली है कि किसी ने जम्मू में एक केस दायर किया है। उन्होंने वीडियो में कहा, "मैंने सुना है कि किसी ने जम्मू में केस फाइल किया है। मेरे अंगूठे के निशान के बिना कोई केस फाइल न करे।" उन्होंने आगे अपनी संतुष्टि जताते हुए कहा, "जांच क्राइम ब्रांच को सौंप दी गई है और वह इससे संतुष्ट हैं।"
वकील से बातचीत का ऑडियो
इस बीच, एक और कथित टेलीफोनिक बातचीत का ऑडियो भी सोशल मीडिया पर प्रसारित हो रहा है। इसमें पीड़िता के पिता वकील दीपिका सिंह राजावत से बात कर रहे हैं, जो इस मामले से जुड़ी एक याचिका से संबंधित हैं। बातचीत में पिता उनसे अनुरोध करते हैं कि उनकी ओर से कोई भी केस आगे न बढ़ाया जाए। उन्होंने साफ कहा कि मामला क्राइम ब्रांच को दिया जा चुका है और वे जांच से खुश हैं। उन्होंने यह भी कहा, "आप जो कुछ भी करेंगे, उसके लिए आप ही जिम्मेदार होंगे।" हालांकि, अधिकारियों ने अब तक इन वीडियो या ऑडियो की प्रामाणिकता की न तो पुष्टि की है और न ही इससे इनकार किया है।
राष्ट्रीय आयोग का संज्ञान
यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींच चुका है। राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (NCST) ने इस घटना की जांच करने का निर्णय लिया है। आयोग ने इस संबंध में जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव, डीजीपी और किश्तवाड़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को पहले ही नोटिस जारी कर दिया था।
इनपुट: IANS



