सोमवार, 31 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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नेपाल बाढ़: 'चेतावनी मिली थी, पर तबाही का अंदाज़ा नहीं था' - पीड़ितों ने बयां किया दर्द

नेपाल के त्रिशूली में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद चारों तरफ तबाही का मंजर है, लेकिन मलबे के बीच कुछ घर अब भी खड़े हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्हें बाढ़…

नेपाल बाढ़: 'चेतावनी मिली थी, पर तबाही का अंदाज़ा नहीं था' - पीड़ितों ने बयां किया दर्द
(फोटो: IANS)

नेपाल के त्रिशूली में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद चारों तरफ तबाही का मंजर है, लेकिन मलबे के बीच कुछ घर अब भी खड़े हैं। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, प्रभावित लोगों का कहना है कि उन्हें बाढ़ की चेतावनी तो मिली थी, लेकिन वे आने वाले खतरे की भयावहता का अंदाजा नहीं लगा सके। इस आपदा ने उनकी जिंदगी भर की कमाई, घर और कारोबार को पल भर में छीन लिया।

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बाढ़ पीड़ितों ने एजेंसी से बात करते हुए इस तबाही को 'अकल्पनीय' बताया। एक स्थानीय निवासी ने कहा, "मुझे अपनी जिंदगी के 40 साल यहीं बिताए हैं। हमें बाढ़ से पहले सरकार और चीन से मोबाइल पर मैसेज मिले थे। ऊपर रहने वाले दोस्तों ने भी फोन किया, लेकिन हमें लगा कि हमारा घर नदी से काफी दूर है और पानी यहां तक नहीं पहुंचेगा।" उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि पानी पूरे बाजार को ही बहा ले जाएगा।

सब कुछ मिनटों में तबाह हो गया

कई लोगों को चेतावनी और पानी के आने के बीच बहुत कम समय मिला। एक किराना दुकानदार ने बताया, "हमें आधा घंटा पहले जानकारी मिली, लेकिन हमने उसे गंभीरता से नहीं लिया। जब पानी त्रिशूली पुल तक पहुंचा, तब हम भागने लगे।" उन्होंने अपने नुकसान का अनुमान 1 से 1.5 करोड़ रुपए बताया।

अनाज का कारोबार करने वाले एक अन्य व्यक्ति को तो सिर्फ पांच मिनट पहले खबर मिली। उन्होंने कहा, "हमारी सारी संपत्ति चली गई। मैं 5 रुपए भी नहीं निकाल पाया। कपड़े, गहने, पैसे, सब कुछ चला गया।" उन्होंने बताया कि उनकी दुकान में 20 से 25 टन सामान था, जो सब बह गया।

राहत और बचाव कार्य जारी

इस विनाश के बीच, बचाव दल लगातार काम कर रहे हैं। लिखु रूरल म्युनिसिपैलिटी की टीमें प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव में जुटी हैं। टीम के सदस्य मबराज थापा ने बताया, "हमारी 250 लोगों की पूरी टीम यहां मौजूद है। अब ध्यान संपत्ति निकालने और घरों को साफ करने पर है।" उन्होंने कहा कि जो शव मिले, उनकी हालत इतनी खराब थी कि पहचान करना भी मुश्किल था। यह एक दुखद और अविश्वसनीय मंजर था।

एक स्थानीय निवासी ने एक रोमांचक बचाव अभियान को भी याद किया, जिसमें एक व्यक्ति घर की छत पर फंस गया था और पानी का बहाव बेहद तेज था। काफी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बचाया जा सका। पीड़ितों के लिए पुराना ढुंगे त्रिशूली बाजार अब सिर्फ एक याद बनकर रह गया है, जो कभी आसपास के पहाड़ी गांवों के लिए खरीदारी का मुख्य केंद्र हुआ करता था।

इनपुट: IANS

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