केरल पुलिस की वर्दी पर नई पाबंदी: धार्मिक कार्यक्रमों में शामिल होने पर रोक, DGP ने जारी किया सर्कुलर
केरल में अब पुलिसकर्मी अपनी वर्दी पहनकर किसी भी निजी धार्मिक कार्यक्रम या उत्सव में शामिल नहीं हो सकेंगे। राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) रावदा ए. चंद्रशेखर ने इस संबंध में एक नया सर्कुलर जारी किया है।
केरल में अब पुलिसकर्मी अपनी वर्दी पहनकर किसी भी निजी धार्मिक कार्यक्रम या उत्सव में शामिल नहीं हो सकेंगे। राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) रावदा ए. चंद्रशेखर ने इस संबंध में एक नया सर्कुलर जारी किया है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह निर्देश उन कई घटनाओं के बाद आया है, जब पुलिसकर्मियों को वर्दी में धार्मिक समारोहों में हिस्सा लेते हुए देखा गया और उनकी तस्वीरें व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए।
इस सर्कुलर का उद्देश्य पुलिस बल की धर्मनिरपेक्ष छवि और पेशेवर मानकों को बनाए रखना है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि पुलिस की वर्दी निष्पक्षता और तटस्थता का प्रतीक है। इसका उपयोग इस तरह नहीं किया जाना चाहिए जिससे किसी विशेष धर्म के समर्थन का आभास हो।
ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को छूट
हालांकि, यह प्रतिबंध उन पुलिस अधिकारियों पर लागू नहीं होगा जो आधिकारिक तौर पर ड्यूटी पर तैनात हैं। अगर किसी धार्मिक आयोजन में कानून-व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण या सुरक्षा व्यवस्था के लिए किसी पुलिसकर्मी को तैनात किया जाता है, तो वे वर्दी में अपनी जिम्मेदारी निभा सकते हैं।
डीजीपी के आदेश में कहा गया है कि यह नियम सिविल पुलिस अधिकारी से लेकर वरिष्ठ अधिकारियों तक, यानी केरल पुलिस के सभी रैंकों पर समान रूप से लागू होगा।
सोशल मीडिया के लिए भी सख्त हिदायत
सर्कुलर में सोशल मीडिया के इस्तेमाल को लेकर भी चेतावनी दी गई है। पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे कोई वीडियो या रील साझा न करें, जिसमें वे वर्दी पहनकर व्यक्तिगत तौर पर किसी धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हो रहे हों। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि वर्दी का उपयोग केवल अधिकृत कर्तव्यों के लिए हो और पुलिस बल की संस्थागत तटस्थता बनी रहे।
इनपुट: IANS



