केरल का नाम अब होगा 'केरलम', हंगामे के बीच लोकसभा में विधेयक पारित
केरल राज्य को जल्द ही आधिकारिक तौर पर 'केरलम' के नाम से जाना जाएगा। लोकसभा ने मंगलवार को विपक्ष के भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच 'केरल (नाम परिवर्तन) बिल, 2026' को ध्वनि मत से मंजूरी दे दी। समाचार…
केरल राज्य को जल्द ही आधिकारिक तौर पर 'केरलम' के नाम से जाना जाएगा। लोकसभा ने मंगलवार को विपक्ष के भारी हंगामे और नारेबाजी के बीच 'केरल (नाम परिवर्तन) बिल, 2026' को ध्वनि मत से मंजूरी दे दी। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह विधेयक बिना किसी चर्चा के पारित हो गया क्योंकि विपक्षी सांसद नीट प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर गृह मंत्री के बयान की मांग कर रहे थे।
केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन में यह विधेयक पेश किया। उस समय विपक्षी सदस्य 20 जुलाई को नीट प्रदर्शनकारियों पर हुई पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति और उनके बयान की मांग को लेकर नारे लगा रहे थे। सदन की अध्यक्षता कर रहे कृष्णा प्रसाद टेनेटी ने सांसदों से कार्यवाही चलने देने का आग्रह किया, लेकिन हंगामा जारी रहा।
बिना चर्चा के मिली मंजूरी
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और नित्यानंद राय ने इस महत्वपूर्ण विधेयक पर चर्चा न करने के लिए विपक्ष की आलोचना की। रिजिजू ने कहा, "यह दुखद है कि केसी वेणुगोपाल जैसे वरिष्ठ कांग्रेस नेता भी इस बिल पर नहीं बोलेंगे।" लगातार हंगामे के कारण, विधेयक को बिना किसी बहस के ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।
राज्य विधानसभा से मिली थी सिफारिश
यह कदम केरल विधानसभा द्वारा 24 जून, 2024 को पारित एक प्रस्ताव के बाद उठाया गया है। प्रस्ताव में कहा गया था कि मलयालम भाषा में राज्य का नाम 'केरलम' है और 1 नवंबर, 1956 को भाषा के आधार पर राज्यों के गठन के बाद से ही यह मांग उठती रही है। विधानसभा ने सर्वसम्मति से केंद्र से संविधान के अनुच्छेद 3 के तहत नाम बदलने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया था। इससे पहले, इसी साल फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भी इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी थी।
इनपुट: IANS



