शनिवार, 8 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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एंडोसल्फान पीड़ित: केरल सरकार का बड़ा फैसला, पुनर्वास के लिए ₹14.40 करोड़ की 'स्नेहसांतवनम' योजना को मंजूरी

केरल में एंडोसल्फान कीटनाशक के दुष्प्रभावों से दशकों से जूझ रहे पीड़ितों के लिए राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार ने कासरगोड जिले के प्रभावितों…

एंडोसल्फान पीड़ित: केरल सरकार का बड़ा फैसला, पुनर्वास के लिए ₹14.40 करोड़ की 'स्नेहसांतवनम' योजना को मंजूरी
(फोटो: IANS)

केरल में एंडोसल्फान कीटनाशक के दुष्प्रभावों से दशकों से जूझ रहे पीड़ितों के लिए राज्य सरकार ने एक अहम कदम उठाया है। समाचार एजेंसी IANS से मिली जानकारी के अनुसार, सरकार ने कासरगोड जिले के प्रभावितों के लिए चलाई जा रही 'स्नेहसांतवनम' पुनर्वास योजना को जारी रखने का फैसला किया है। इसके तहत वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 14.40 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की गई है।

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मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा शनिवार को जारी आदेश में कहा गया है कि यह राशि राज्य के बजट से सामाजिक न्याय विभाग के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। इस कदम का मुख्य उद्देश्य मौजूदा लाभार्थियों को सहायता जारी रखना, नए पीड़ितों को राहत सूची में शामिल करना और प्रभावित इलाकों में पुनर्वास व शिक्षा सुविधाओं को और बेहतर बनाना है। दशकों तक कासरगोड के काजू बागानों पर हवाई जहाज से एंडोसल्फान का छिड़काव होता रहा, जिससे स्थानीय आबादी में गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो गईं।

पैकेज का आवंटन किस तरह होगा?

इस स्वीकृत पैकेज का एक बड़ा हिस्सा सीधे प्रभावित परिवारों तक पहुँचेगा। कुल राशि का विवरण इस प्रकार है:

  • ₹9.84 करोड़: अप्रैल 2026 से मार्च 2027 तक 5,208 मौजूदा लाभार्थियों को वित्तीय सहायता देने के लिए।
  • ₹2.64 करोड़: राहत सूची में शामिल किए जाने वाले लगभग 1,000 नए लाभार्थियों के लिए आरक्षित।
  • ₹64.76 लाख: 'आश्वासकिरणम' योजना के तहत 771 देखभाल करने वालों (caregivers) को मासिक आर्थिक मदद के लिए।
  • ₹10.05 लाख: शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में 400 बच्चों को शिक्षा सहायता प्रदान करने के लिए।
  • ₹1.17 करोड़: प्रभावित क्षेत्रों में 10 मॉडल बाल पुनर्वास केंद्रों के ढाँचे और सेवाओं को बेहतर बनाने पर खर्च होंगे।

पीड़ितों और उनके परिवारों के लंबे संघर्ष के बाद सरकार ने मुआवजा और पुनर्वास के उपाय शुरू किए थे। वे लगातार स्थायी वित्तीय सहायता और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की मांग करते रहे हैं, जिसके संदर्भ में यह घोषणा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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