कर्नाटक: मतदाता सूची पुनरीक्षण में स्कूली बच्चों के इस्तेमाल का आरोप, जांच के आदेश
कर्नाटक के बेलगावी जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में स्कूली बच्चों को शामिल करने के आरोपों के बाद विवाद खड़ा हो गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मामले में बेलग
कर्नाटक के बेलगावी जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया में स्कूली बच्चों को शामिल करने के आरोपों के बाद विवाद खड़ा हो गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मामले में बेलगावी के डिप्टी कमिश्नर मोहम्मद रोशन ने जांच के आदेश दिए हैं और संबंधित तहसीलदार से स्पष्टीकरण मांगा है।
यह घटना गोकाक तालुक के मरादिमठ गांव के एक सरकारी कन्नड़ उच्च प्राथमिक विद्यालय से जुड़ी है। आरोप है कि मंगलवार को बूथ स्तरीय अधिकारियों (BLOs) ने जनगणना प्रपत्र वितरित करने और जमा करने के लिए ग्रामीणों को स्कूल परिसर में बुलाया था। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में कथित तौर पर बच्चे इस काम में मदद करते हुए दिखाई दे रहे हैं, जिससे एक आधिकारिक चुनावी प्रक्रिया में छात्रों की संलिप्तता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जांच और प्रशासनिक कार्रवाई
मामले का संज्ञान लेते हुए, उपायुक्त मोहम्मद रोशन ने गोकाक तहसीलदार को नोटिस जारी किया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जांच में आधिकारिक दिशानिर्देशों का कोई उल्लंघन पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बच्चों का इस्तेमाल कथित तौर पर फॉर्म भरने और उन पर फोटो चिपकाने जैसे कामों के लिए किया गया।
विवाद का राजनीतिक संदर्भ
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब कर्नाटक में SIR प्रक्रिया पहले से ही राजनीतिक बहस का केंद्र बनी हुई है और विपक्षी दल इसके क्रियान्वयन की आलोचना कर रहे हैं। भाजपा के विधान परिषद सदस्य सी.टी. रवि ने आरोप लगाया है कि राज्य सरकार के मौखिक निर्देशों पर प्रक्रिया में गड़बड़ी की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा समर्थकों को फॉर्म नहीं दिए जा रहे, जबकि कांग्रेस मतदाताओं को सूची में बनाए रखा जा रहा है और यह प्रक्रिया मस्जिदों में सामूहिक रूप से हो रही है। वहीं, पूर्व उपमुख्यमंत्री गोविंद करजोल ने दावा किया कि कांग्रेस नेता SIR प्रक्रिया से भयभीत हैं।
इनपुट: IANS



