कर्नाटक: भाजपा ने 'बल्लारी चलो' पदयात्रा शुरू की, येदियुरप्पा का सरकार हटाने का संकल्प
कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पार्टी ने मंगलवार को रायचूर जिले के लिंगसुगुर से 10 दिवसीय 'बल्लारी…
कर्नाटक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने राज्य की कांग्रेस सरकार के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन छेड़ दिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, पार्टी ने मंगलवार को रायचूर जिले के लिंगसुगुर से 10 दिवसीय 'बल्लारी चलो' पदयात्रा की शुरुआत की, जिसका नेतृत्व प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र कर रहे हैं। इस मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने संकल्प लिया कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक 'भ्रष्ट' राज्य सरकार को सत्ता से हटा नहीं दिया जाता।
इस पदयात्रा को 'छह करोड़ कन्नड़ लोगों की आकांक्षाओं का बिगुल' बताते हुए येदियुरप्पा ने इसे एक संघर्ष की शुरुआत बताया, न कि चुनावी अभियान। उन्होंने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर निशाना साधते हुए कहा, "क्या आप सचमुच मुख्यमंत्री हैं?" उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को हर फैसले के लिए दिल्ली जाकर 'राहुल गांधी के पैर पकड़ने' पड़ते हैं, जिससे पद की गरिमा कम होती है।
सरकार पर भ्रष्टाचार और कुशासन के आरोप
भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने इस कार्यक्रम में सरकार पर चौतरफा हमला बोला। पूर्व मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई ने कहा कि आने वाले दिनों में कर्नाटक में कई मुद्दों पर संघर्ष की योजना है। वहीं, जगदीश शेट्टार ने कांग्रेस कैबिनेट में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया, डीके शिवकुमार और हाई-कमांड के बीच गुटबाजी का आरोप लगाया। उन्होंने यह भी दावा किया कि पूर्व मंत्री बी. नागेंद्र का इस्तीफा भाजपा के आंदोलन का ही नतीजा था।
विधान परिषद में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने आरोप लगाया कि सिद्धारमैया सरकार ने लोगों को 'लूटा', जबकि शिवकुमार सरकार टैक्स बढ़ाकर उनकी 'जेब काट' रही है। पार्टी के सह-प्रभारी सुधाकर रेड्डी ने सरकार को 'दलित-विरोधी, किसान-विरोधी, एसटी-विरोधी और महिला-विरोधी' करार दिया।
सूखे और किसानों की अनदेखी का मुद्दा
पदयात्रा में सूखे का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। आर. अशोक ने दावा किया कि 175 तालुका सूखे का सामना कर रहे हैं, लेकिन सरकार ने सिर्फ 101 को ही सूखाग्रस्त घोषित किया है। उन्होंने चेतावनी दी, "बाकी तालुका को भी सूखाग्रस्त घोषित करें, वरना लोग आपकी सरकार को दिवालिया घोषित कर देंगे।"
अन्य नेताओं ने भी किसानों की समस्याओं पर सरकार को घेरा। पूर्व मंत्री सीटी रवि ने कहा कि सूखे और बढ़ती कीमतों से किसान और आम जनता परेशान है। वहीं, बी. श्रीरामुलु ने आरोप लगाया कि कानून-व्यवस्था बिगड़ गई है और सूखे के कारण किसान पलायन कर रहे हैं।
इनपुट: IANS



