बिदादी टाउनशिप परियोजना पर टकराव: भाजपा ने किसानों के समर्थन में सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
कर्नाटक में प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने इस परियोजना को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देने का संकल्प लिया है। समाचा
कर्नाटक में प्रस्तावित बिदादी टाउनशिप परियोजना को लेकर राजनीतिक घमासान तेज हो गया है। राज्य की मुख्य विपक्षी पार्टी भाजपा ने इस परियोजना को किसी भी कीमत पर लागू नहीं होने देने का संकल्प लिया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, विपक्ष के नेता आर. अशोक के नेतृत्व में भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को परियोजना से प्रभावित गांवों का दौरा कर किसानों से मुलाकात की और अपना रुख स्पष्ट किया।
बायरामंगला, मंडलहल्ली और आसपास के गांवों के दौरे के बाद आर. अशोक ने कांग्रेस सरकार पर कृषि भूमि को जबरन अधिग्रहित करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों के खिलाफ कोई कार्रवाई की गई तो पार्टी अपने विरोध प्रदर्शन को और तेज कर देगी। अशोक ने कहा, "हम किसी भी परिस्थिति में बिदादी टाउनशिप परियोजना को लागू नहीं होने देंगे। अगर पुलिस किसानों को छूती है, तो हम पुलिस स्टेशनों का घेराव करेंगे।"
कानूनी प्रक्रिया के उल्लंघन का आरोप
भाजपा नेता ने अधिकारियों पर कानूनी प्रक्रियाओं का पालन न करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने से पहले नोटिस जारी किया जाना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय अधिकारी अचानक गांवों में पहुंच गए और किसानों के खिलाफ हत्या के प्रयास जैसे कई मामले दर्ज कर दिए। अशोक ने दावा किया कि झड़पों के दौरान महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया और सरकार विरोध कर रहे किसानों को अपराधी के रूप में चित्रित करने की कोशिश कर रही है।
आर. अशोक ने किसानों के प्रतिरोध को स्वाभाविक बताते हुए कहा, "किसान उस जमीन को बचाने के लिए लड़ रहे हैं, जिससे पीढ़ियों से उनके परिवार का पालन-पोषण होता आया है। जब आजीविका खतरे में हो तो प्रतिरोध स्वाभाविक है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि किसानों को जमीन छोड़ने के लिए अतिरिक्त मुआवजे और कमीशन का प्रलोभन दिया जा रहा है, जिससे बायरामंगला में 'आपातकाल जैसा माहौल' बन गया है।
सरकारी मंशा पर उठाए सवाल
विपक्ष के नेता ने सरकार की व्यापक योजनाओं पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार बेंगलुरु के आसपास विकास परियोजनाओं के लिए करीब 20,000 एकड़ भूमि अधिग्रहित करने की योजना बना रही है और चरागाह (गोमाला) भूमि पर लेआउट विकसित करने के प्रस्तावों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा। अशोक ने कहा, "सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि वह किस कानून के तहत गोमाला भूमि को लेआउट में परिवर्तित करना चाहती है। यह परियोजना मुनाफाखोरी के लिए बनाई गई है।"
उन्होंने मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार पर किसानों की चिंताओं से ध्यान भटकाने के लिए असंबद्ध मुद्दे उठाने का आरोप लगाते हुए मांग की कि किसानों के खिलाफ दर्ज मामले तुरंत वापस लिए जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि वह इस मुद्दे को विधानसभा सत्र के दौरान भी उठाएंगे।
इनपुट: IANS



