सोमवार, 17 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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कर्नाटक: आरक्षित जंगल में 3 शिकारियों की मुठभेड़ में मौत, भाजपा ने सरकारी दावों पर उठाए गंभीर सवाल

कर्नाटक के चामराजनगर आरक्षित वन क्षेत्र में वन विभाग के अधिकारियों के साथ हुई एक मुठभेड़ में तीन संदिग्ध शिकारियों की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। राज्य के मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने सरकार की…

कर्नाटक: आरक्षित जंगल में 3 शिकारियों की मुठभेड़ में मौत, भाजपा ने सरकारी दावों पर उठाए गंभीर सवाल
(फोटो: IANS)

कर्नाटक के चामराजनगर आरक्षित वन क्षेत्र में वन विभाग के अधिकारियों के साथ हुई एक मुठभेड़ में तीन संदिग्ध शिकारियों की मौत का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। राज्य के मुख्य विपक्षी दल भाजपा ने सरकार की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाते हुए इस घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, भाजपा नेताओं ने विधानसभा में आरोप लगाया कि वन विभाग ने 'अत्यधिक बल' का प्रयोग किया और यह मुठभेड़ कई संदेह पैदा करती है।

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यह घटना 14 अगस्त की रात की है, जब वन अधिकारियों को कावेरी वन्यजीव अभयारण्य के हनूर उपमंडल में हथियारबंद शिकारियों के घुसने की सूचना मिली थी।

सरकार का पक्ष और मुठभेड़ का विवरण

विधानसभा में जानकारी देते हुए वन और पारिस्थितिकी मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने बताया कि सूचना मिलने पर दो तलाशी दल भेजे गए थे। कराडिकल्लू इलाके में वन कर्मियों ने शिकारियों को चट्टानों के पीछे छिपे हुए पाया, जिन्होंने अधिकारियों पर गोलीबारी शुरू कर दी। मंत्री के मुताबिक, "शिकारी ऊंचे स्थान पर थे और वन कर्मियों पर लगातार गोलीबारी कर रहे थे, जिन्होंने जवाबी कार्रवाई की क्योंकि उन्हें ऐसा करने का अधिकार था।"

रेड्डी ने यह भी स्पष्ट किया कि इस अभियान में करीब 10 वनकर्मी भी घायल हुए। उन्होंने कहा कि शिकारियों ने आरक्षित जंगल में बिना अनुमति प्रवेश किया था, इसलिए मामला दर्ज किया गया है। मौके से लगभग 34.5 किलोग्राम संदिग्ध वन्यजीव मांस भी बरामद हुआ है।

विपक्ष ने उठाए ये गंभीर सवाल

विपक्ष के नेता आर. अशोक ने सरकार के दावों को चुनौती देते हुए आरोप लगाया कि तीनों लोगों को बहुत करीब से गोली मारी गई। उन्होंने कहा, "जब वे बहुत करीब थे, तो अधिकारी उनके पैरों पर गोली मार सकते थे। इसके बजाय, उन्होंने छाती और गर्दन पर गोली मारी।" अशोक ने यह भी सवाल उठाया कि इस घटना में घायल एक चौथा व्यक्ति मैसूर के अस्पताल से कैसे गायब हो गया और उसके बयान का जिक्र क्यों नहीं है।

उन्होंने कहा कि मारे गए लोगों का कोई पुराना आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था और वे वीरप्पन जैसे डाकू नहीं थे, जिनके समर्थन में इतने किसान प्रदर्शन करते। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने भी कहा कि सरकार के स्पष्टीकरण से सभी सवालों के जवाब नहीं मिले हैं और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

एक ही समुदाय से होने का आरोप

विधान परिषद में विपक्ष के नेता छलावादी नारायणस्वामी ने आरोप लगाया कि सरकार ने हनूर तालुक में तीन लोगों की 'हत्या' की है। उन्होंने दावा किया कि मारे गए तीनों लोग एक ही समुदाय के थे और स्थानीय निवासी उन्हें सम्मानित व्यक्ति बताते थे। नारायणस्वामी ने आरोप लगाया कि उनका वन अधिकारियों के साथ लंबे समय से विवाद चल रहा था।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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