JPSC-JSSC भर्ती विवाद: अनशनकारियों की सेहत बिगड़ी, देवेंद्र और हबीबा ने कहा- न्याय तक संघर्ष जारी रहेगा
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच दो अनशनकारियों की तबीयत काफी बिगड़ गई है। भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो और हबीबा ने बिगड़ती सेहत के बावजूद अपना अनशन…
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित धांधली के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच दो अनशनकारियों की तबीयत काफी बिगड़ गई है। भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो और हबीबा ने बिगड़ती सेहत के बावजूद अपना अनशन तोड़ने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा है कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिल जाता, वे पीछे नहीं हटेंगे। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, दोनों ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मार्मिक अपील भी की है।
देवेंद्र नाथ महतो पिछले 16 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं। सदर अस्पताल में इलाज के दौरान उनका ब्लड प्रेशर 84/39 दर्ज किया गया, जो पिछले दो दिनों से लगातार कम बना हुआ है। उन्हें सीने में दर्द, चक्कर आने और सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्याएं हो रही हैं। जांच में उनके शरीर में कीटोन की मात्रा भी पाई गई है, और वह लगातार कमजोरी महसूस कर रहे हैं।
अनशन जारी रखने का संकल्प
लगातार स्वास्थ्य जांच के बावजूद, देवेंद्र ने स्पष्ट किया है कि जेपीएससी-जेएसएससी अभ्यर्थियों के अधिकारों की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि उनका संघर्ष सिर्फ मौजूदा मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे झारखंड की शिक्षा और भर्ती व्यवस्था में ऐसे ठोस सुधार चाहते हैं, ताकि भविष्य की पीढ़ी को इस तरह के संघर्ष से न गुजरना पड़े।
वहीं, 14 दिनों से अनशन पर बैठीं हबीबा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से भावुक अपील करते हुए कहा, "मुख्यमंत्री, मैं आपसे टकराव नहीं, संवाद चाहती हूं।" उन्होंने माना कि उनकी तबीयत बिगड़ रही है, लेकिन झारखंड के युवाओं के भविष्य ने उन्हें हिम्मत दी है। हबीबा ने मुख्यमंत्री से छात्रों की मांगों पर संवेदनशीलता से विचार करने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने का आग्रह किया। उन्होंने कहा, "मैं अपने लिए नहीं, झारखंड के लाखों बेटे-बेटियों के भविष्य के लिए लड़ रही हूं।"
बातचीत की कोशिशों के बीच अपील
यह घटनाक्रम ऐसे समय में हो रहा है जब जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच का आंदोलन 24 दिन पूरे कर चुका है। सरकार और छात्रों के बीच गतिरोध को खत्म करने के लिए देर शाम एक वार्ता भी प्रस्तावित है। आंदोलनकारी छात्र मुख्य रूप से 2024 में हुई जेएसएससी-सीजीएल परीक्षा को रद्द करने और भर्ती परीक्षाओं में हुई कथित गड़बड़ियों की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। इससे पहले हुई बातचीत में सरकार ने 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा परीक्षा और बैकलॉग परीक्षा रद्द करने की घोषणा की थी, लेकिन सीजीएल परीक्षा और सीबीआई जांच पर सहमति नहीं बन पाई है।
इनपुट: IANS



