Paytm का खर्च घटाकर मुनाफा बढ़ा रहा AI, ब्रोकरेज फर्म JM फाइनेंशियल ने बताई वजह
पेटीएम अपने खर्चों को लगभग स्थिर रखते हुए मुनाफा बढ़ाने में कामयाब हो रही है, और इसके पीछे एक बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ऑटोमेशन है। ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल ने अपनी एक हालिया…
पेटीएम अपने खर्चों को लगभग स्थिर रखते हुए मुनाफा बढ़ाने में कामयाब हो रही है, और इसके पीछे एक बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित ऑटोमेशन है। ब्रोकरेज फर्म जेएम फाइनेंशियल ने अपनी एक हालिया रिपोर्ट में यह विश्लेषण प्रस्तुत किया है। समाचार एजेंसी IANS के हवाले से मिली इस रिपोर्ट के मुताबिक, कंपनी तेज वृद्धि और नए ग्राहकों को जोड़ने में निवेश के बावजूद अपनी लागत दक्षता को बेहतर कर रही है।
जेएम फाइनेंशियल ने पेटीएम के वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजों को "मजबूत निष्पादन की एक और तिमाही" बताया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कंपनी का मुनाफा ब्रोकरेज के अनुमानों से भी 18 प्रतिशत ज़्यादा रहा। इसका मुख्य कारण कंपनी का बेहतर ऑपरेटिंग लीवरेज और राजस्व की तुलना में अप्रत्यक्ष खर्चों में धीमी वृद्धि रही।
AI से कैसे मिल रही मदद?
रिपोर्ट के अनुसार, पेटीएम कलेक्शन, ग्राहक सेवा और मर्चेंट अधिग्रहण जैसे कामों में AI-आधारित ऑटोमेशन का इस्तेमाल कर रही है। यही लागत नियंत्रण का एक प्रमुख संरचनात्मक आधार बन रहा है, जिसके कारण कंपनी के नॉन-सेल्स ओवरहेड खर्च लगभग स्थिर बने हुए हैं। प्रबंधन अब पहले से कहीं ज़्यादा आश्वस्त है कि वह 15-20 प्रतिशत ईबीआईटीडीए मार्जिन का लक्ष्य समय से पहले हासिल कर लेगा।
वित्तीय सेवाओं का कारोबार सबसे आगे
पेटीएम का सबसे तेज़ी से बढ़ने वाला ग्रोथ इंजन इसका फाइनेंशियल सर्विसेज डिस्ट्रिब्यूशन कारोबार है। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में इस सेगमेंट से राजस्व सालाना आधार पर 45% बढ़कर 814 करोड़ रुपए हो गया। इसमें सबसे बड़ा योगदान मर्चेंट लेंडिंग का है, जहाँ 50% से ज़्यादा हिस्सेदारी दोबारा लोन लेने वाले ग्राहकों की है।
कंपनी दोहरे अंकों में लेंडिंग पार्टनर्स के साथ काम कर रही है और उसके पास मौजूदा क्षमता से चार से छह गुना अधिक लेंडिंग कैपिटल उपलब्ध है। खास बात यह है कि पेटीएम शुद्ध डिस्ट्रिब्यूशन मॉडल पर काम करती है, यानी वह खुद कोई लोन जोखिम नहीं लेती।
अन्य सेगमेंट का प्रदर्शन
पेटीएम के भुगतान (पेमेंट्स) कारोबार में भी मजबूत वृद्धि देखी गई। इसका राजस्व सालाना 28% बढ़ा, जबकि ग्रॉस मर्चेंडाइज वैल्यू (GMV) में 31% की वृद्धि दर्ज की गई। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि पेटीएम पोस्टपेड अपने पिछले चक्र की तुलना में लगभग दोगुनी गति से बढ़ रहा है और वेल्थ मैनेजमेंट (जिसमें एमटीएफ, ब्रोकिंग और म्यूचुअल फंड शामिल हैं) कंपनी के लिए अगला रणनीतिक विकास स्तंभ बन रहा है।
ब्रोकरेज ने बढ़ाया लक्ष्य
इस मज़बूत प्रदर्शन और बेहतर ऑपरेटिंग लीवरेज को देखते हुए, जेएम फाइनेंशियल ने वित्त वर्ष 2027 से 2029 के लिए अपने ईबीआईटीडीए अनुमान में 1% से 17% तक की बढ़ोतरी की है। ब्रोकरेज ने पेटीएम पर अपनी 'बाय' रेटिंग बरकरार रखते हुए इसका लक्ष्य मूल्य 1,490 रुपए से बढ़ाकर 1,500 रुपए कर दिया है।
इनपुट: IANS



