जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा: नेशनल कॉन्फ्रेंस 20 जुलाई को दिल्ली के जंतर-मंतर पर करेगी प्रदर्शन
जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) अपनी पुरानी मांग को लेकर अब दिल्ली में प्रदर्शन करने की तैयारी में है। पार्टी 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन आयोजित कर रही है, जिसका मुख्य…
जम्मू-कश्मीर में सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) अपनी पुरानी मांग को लेकर अब दिल्ली में प्रदर्शन करने की तैयारी में है। पार्टी 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर एक विरोध प्रदर्शन आयोजित कर रही है, जिसका मुख्य उद्देश्य केंद्र सरकार पर जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए दबाव बनाना है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस प्रदर्शन की तैयारियों का जायजा लेने के लिए पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला शनिवार को नई दिल्ली पहुंच चुके हैं।
पार्टी ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन निर्धारित योजना के अनुसार ही होगा और इसके लिए कई विधायक, वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद हैं। हालांकि, शनिवार शाम तक दिल्ली प्रशासन की ओर से इस कार्यक्रम के लिए कोई आधिकारिक मंजूरी नहीं मिली थी, जिससे इस पर अनिश्चितता बनी हुई है।
प्रदर्शन की अनुमति और राजनीतिक संदर्भ
इस प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक दिलचस्पी इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि हाल ही में दिल्ली में सोनम वांगचुक और उनके समर्थकों के खिलाफ अधिकारियों ने कार्रवाई की थी। उस घटना के बाद ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि नेशनल कॉन्फ्रेंस को भी अपने कार्यक्रम के लिए अनुमति हासिल करने में मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है।
नेशनल कॉन्फ्रेंस का कहना है कि यह प्रदर्शन एक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक प्रयास है, जिसका मकसद केंद्र को उसके वादे की याद दिलाना है। पार्टी का मानना है कि लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने, बेहतर प्रशासनिक स्वायत्तता और लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल करना आवश्यक है। वहीं, केंद्र सरकार लगातार यह आश्वासन देती रही है कि उचित समय आने पर राज्य का दर्जा बहाल कर दिया जाएगा।
अन्य दलों का रुख
इस बीच, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने प्रदर्शन में शामिल होने की इच्छा जताई है। उन्होंने इसके लिए एक शर्त रखी है कि प्रदर्शन के एजेंडे का दायरा बढ़ाया जाए और उसमें अनुच्छेद 370 की बहाली तथा जम्मू-कश्मीर से जुड़े अन्य संवैधानिक मुद्दों को भी शामिल किया जाए।
इनपुट: IANS



