कश्मीरी पंडितों को धमकी: हरियाणा से सामाजिक कार्यकर्ता गिरफ्तार, UAPA के तहत मामला दर्ज
कश्मीरी पंडितों को घाटी से दूर रहने की चेतावनी देने वाले धमकी भरे पत्र जारी करने के आरोप में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा से एक सामाजिक कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार…
कश्मीरी पंडितों को घाटी से दूर रहने की चेतावनी देने वाले धमकी भरे पत्र जारी करने के आरोप में जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा से एक सामाजिक कार्यकर्ता को गिरफ्तार किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इन पत्रों के कारण प्रधानमंत्री के विशेष रोजगार पैकेज के तहत काम कर रहे सैकड़ों कश्मीरी पंडित कर्मचारियों में भय का माहौल था और उन्हें लगभग तीन सप्ताह तक अपनी ड्यूटी से दूर रहना पड़ा था।
पुलिस ने मंगलवार को जानकारी दी कि आरोपी की पहचान राकेश हांडू के रूप में हुई है, जो खुद कश्मीरी पंडित समुदाय से हैं। बारामुला पुलिस की एक टीम ने उन्हें 17 अक्टूबर को हरियाणा के फरीदाबाद से गिरफ्तार किया। हांडू पर अगस्त महीने में कश्मीरी पंडित कर्मचारियों के नाम और संपर्क विवरण के साथ धमकियाँ फैलाने का आरोप है।
कानूनी कार्रवाई और जांच
पुलिस ने राकेश हांडू के खिलाफ गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) और साइबर अपराध से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। कश्मीर जोन के आईजीपी सुजीत कुमार ने कहा कि पुलिस को इस मामले में हांडू की संलिप्तता के बारे में पुख्ता सुराग मिले हैं और आरोपों की जांच के साथ कानूनी कार्रवाई जारी है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी ने ये पत्र किस उद्देश्य से जारी किए थे, इसका पता लगाने के लिए जांच चल रही है।
गिरफ्तारी की पृष्ठभूमि
यह मामला एक गैर-जमानती अपराध है। पुलिस ने इस संबंध में 21 सितंबर को FIR दर्ज की थी और हांडू को 26 सितंबर को बारामुला में पेश होने के लिए कहा था। पुलिस के मुताबिक, "बार-बार समन के बावजूद जब वह पेश नहीं हुआ, तो उसे फरीदाबाद में गिरफ्तार करने के लिए एक टीम भेजी गई।" 17 अक्टूबर को हांडू की पत्नी को गिरफ्तारी का आधार बताया गया था।
गौरतलब है कि राकेश हांडू ने 2008 में श्रीनगर जिले के हजरतबल विधानसभा क्षेत्र से नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला के खिलाफ चुनाव भी लड़ा था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। यह गिरफ्तारी उस बड़ी कार्रवाई का हिस्सा है जो जुलाई और अगस्त में प्रवासी कामगारों पर हुए हमलों के बाद शुरू हुई थी, जिसके तहत 3,000 से अधिक संदिग्धों को पकड़ा गया था।
इनपुट: IANS



