अनंतनाग आतंकी हमले के बाद J&K में सुरक्षा समीक्षा, उपराज्यपाल ने की उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में एक पुलिसकर्मी की आतंकी हमले में मौत के बाद, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को एक उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की। श्रीनगर के लोक भवन में हुई इस बैठक का मुख्य…
जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग में एक पुलिसकर्मी की आतंकी हमले में मौत के बाद, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने गुरुवार को एक उच्चस्तरीय सुरक्षा बैठक की अध्यक्षता की। श्रीनगर के लोक भवन में हुई इस बैठक का मुख्य उद्देश्य केंद्र शासित प्रदेश की मौजूदा सुरक्षा स्थिति और चल रही अमरनाथ यात्रा की समीक्षा करना था।
समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह बैठक बुधवार दोपहर अनंतनाग के लाल चौक इलाके में हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन की हत्या के ठीक एक दिन बाद बुलाई गई थी। सुबह 11 बजे शुरू हुई इस बैठक में सभी खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के प्रमुखों ने हिस्सा लिया, जहाँ उपराज्यपाल को हमले के बाद के हालात और अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था के बारे में जानकारी दी गई। गौरतलब है कि खराब मौसम के कारण अमरनाथ यात्रा फिलहाल रोकी गई है।
आतंकी हमला और सुरक्षा बलों की कार्रवाई
हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन को बुधवार को आतंकवादियों ने बेहद करीब से गोली मारकर मौत के घाट उतार दिया था। इस हमले की जिम्मेदारी लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े संगठन 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) ने ली है। TRF साल 2019 से ही लश्कर द्वारा किए गए आतंकी हमलों की जिम्मेदारी लेता रहा है।
हमले की निंदा करते हुए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि पुलिसकर्मी के हत्यारों से बदला लिया जाएगा और उन्हें जल्द ही सजा दी जाएगी। इस घटना के बाद सुरक्षा बलों ने हमलावरों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया है। पुलिस ने एक संदिग्ध आतंकवादी की तस्वीर भी जारी की है और लोगों से उसके बारे में जानकारी देने का अनुरोध किया है। इसके अलावा, आतंकवाद और उसके समर्थकों पर नकेल कसने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस ने घाटी के विभिन्न जिलों से 3,000 से अधिक ओवरग्राउंड वर्करों को पकड़ा है।
शहीद को श्रद्धांजलि
शहीद हेड कांस्टेबल आशिक हुसैन कुरैशी को अनंतनाग जिला पुलिस लाइन में एक श्रद्धांजलि समारोह में सम्मानित किया गया। बाद में उनके पैतृक इलाके बीरवाह में हुए अंतिम संस्कार में सैकड़ों लोग शामिल हुए। कई स्थानीय लोग शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने के लिए उनके घर भी पहुँचे।
इनपुट: IANS



