पूर्व CM जीतन राम मांझी की तबीयत फिर बिगड़ी, बेहतर इलाज के लिए पटना से दिल्ली एयरलिफ्ट
केंद्रीय मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते गुरुवार को बेहतर इलाज के लिए पटना से दिल्ली ले जाया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अस्पताल से…
केंद्रीय मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते गुरुवार को बेहतर इलाज के लिए पटना से दिल्ली ले जाया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अस्पताल से छुट्टी मिलने के एक दिन बाद ही बुधवार देर रात उन्हें फिर से बुखार आ गया, जिसके बाद डॉक्टरों की सलाह पर यह फैसला लिया गया।
मांझी को हाल ही में तबीयत बिगड़ने पर पटना के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। बुधवार को उनकी हालत में सुधार होने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई थी। हालांकि, रात में फिर से स्वास्थ्य खराब होने के बाद परिवार के सदस्य उन्हें लेकर दिल्ली रवाना हो गए। दिल्ली में उनकी कई मेडिकल जांचें होने की उम्मीद है, ताकि बीमारी के सही कारणों का पता चल सके।
आरक्षण पर हालिया सक्रियता
मांझी की स्वास्थ्य समस्याओं की खबर ऐसे समय में आई है जब वे राजनीतिक रूप से काफी सक्रिय रहे हैं। विशेषकर, वे अनुसूचित जाति (SC) कोटे के भीतर उप-वर्गीकरण की मांग को लेकर मुखर रहे हैं। उनका मानना है कि आरक्षण का लाभ सबसे वंचित समुदायों तक पहुंचना सुनिश्चित करने के लिए यह ज़रूरी है।
इस मुद्दे पर उनकी केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान के साथ सार्वजनिक बहस भी हुई है। जहां पासवान मौजूदा आरक्षण व्यवस्था में किसी भी तरह की समीक्षा का विरोध करते हैं, वहीं मांझी का तर्क है कि कुछ समुदायों को ऐतिहासिक रूप से आरक्षण का असमान लाभ मिला है।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया हवाला
अपने पक्ष को मजबूत करने के लिए मांझी ने 2024 के सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला दिया है, जिसमें कहा गया था कि राज्य संवैधानिक शर्तों के अधीन अनुसूचित जाति कोटे में उप-वर्गीकरण कर सकते हैं। उन्होंने पंजाब का उदाहरण देते हुए यह भी दावा किया कि वहां उप-वर्गीकरण से आरक्षण लाभों का पुनर्वितरण हुआ। मांझी के स्वास्थ्य को लेकर बिहार के राजनीतिक हलकों और उनके समर्थकों में चिंता का माहौल है।
इनपुट: IANS



