ट्रंप की हत्या की कथित ईरानी साजिश की जांच कर रहा अमेरिका, यात्रा के दौरान बदला गया विमान
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या के लिए ईरान की एक कथित साजिश को लेकर अमेरिकी अधिकारी सतर्क हो गए हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इजरायल से मिली खुफिया जानकारी के बाद इस मामले की
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हत्या के लिए ईरान की एक कथित साजिश को लेकर अमेरिकी अधिकारी सतर्क हो गए हैं। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इजरायल से मिली खुफिया जानकारी के बाद इस मामले की जांच की जा रही है, जिसके चलते हाल ही में ट्रंप की विदेश यात्रा के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने पड़े।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' ने शुक्रवार को अपनी एक रिपोर्ट में इसका खुलासा किया। रिपोर्ट के मुताबिक, खुफिया जानकारी में इस बात के संकेत मिले हैं कि ईरान, डोनाल्ड ट्रंप को निशाना बनाने की एक नई योजना पर काम कर रहा है। इसी चेतावनी के बाद, तुर्किए से लौटते समय ट्रंप को यात्रा के एक हिस्से के लिए एक पुराने 'एयर फोर्स वन' विमान में शिफ्ट करने का फैसला लिया गया, जिसे ज्यादा सुरक्षित माना जाता है।
यात्रा में बदलाव और सुरक्षा चिंता
ट्रंप नाटो शिखर सम्मेलन के लिए कतर द्वारा दान किए गए बोइंग 747 विमान से अंकारा गए थे। लेकिन वापसी में, उन्हें ब्रिटेन तक की उड़ान के लिए पुराने एयर फोर्स वन में स्थानांतरित किया गया। इसके बाद वह वाशिंगटन के लिए नए विमान में सवार हुए। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह कदम इसलिए उठाया गया क्योंकि दान किए गए विमान में कुछ उन्नत रक्षात्मक क्षमताओं की कमी थी, जो मौजूदा खतरे को देखते हुए जरूरी समझी गईं।
खुफिया जानकारी और ट्रंप की प्रतिक्रिया
हालांकि, कुछ अमेरिकी अधिकारियों ने इस खुफिया जानकारी की विश्वसनीयता पर संदेह भी जताया है। CNN की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि यह किसी विशिष्ट साजिश के बजाय तेहरान के कट्टरपंथी हलकों में ट्रंप की हत्या को लेकर हुई एक 'सामान्य चर्चा' हो सकती है।
इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने शुक्रवार को इन मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से ईरान की 'हिट लिस्ट' में नंबर एक पर हैं। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा, "मैंने स्पष्ट निर्देश दे रखे हैं कि अगर मेरे साथ कुछ भी होता है, तो ईरान पर ऐसे स्तर का बमबारी हमला किया जाए, जैसा उसने पहले कभी नहीं देखा होगा।"
यह सुरक्षा चेतावनी ऐसे समय में आई है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर ईरानी हमलों के जवाब में ट्रंप ने ईरान पर नए अमेरिकी हमले का आदेश दिया था। इससे पश्चिम एशिया में अमेरिकी और सहयोगी ठिकानों पर ईरानी जवाबी कार्रवाई की आशंका बढ़ गई है।
इनपुट: IANS



