भारतीय स्टील सेक्टर की दमदार शुरुआत: पहली तिमाही में उत्पादन और खपत दोनों में मजबूत उछाल
चालू वित्त वर्ष (2026-27) की पहली तिमाही में भारत के इस्पात क्षेत्र ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उत्पादन और खपत दोनों में मजबूत वृद्धि दर्ज की है। समाचार एजेंसी IANS द्वारा जारी इस्पात मंत्रालय के…
चालू वित्त वर्ष (2026-27) की पहली तिमाही में भारत के इस्पात क्षेत्र ने शानदार प्रदर्शन करते हुए उत्पादन और खपत दोनों में मजबूत वृद्धि दर्ज की है। समाचार एजेंसी IANS द्वारा जारी इस्पात मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, सरकार द्वारा बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) पर किए जा रहे भारी निवेश की वजह से स्टील की मांग में उल्लेखनीय तेज़ी आई है।
अप्रैल से जून 2026 की अवधि में देश का कुल तैयार स्टील (फिनिश्ड स्टील) उत्पादन 4.06 करोड़ टन रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 3.87 करोड़ टन के मुकाबले 4.9 प्रतिशत अधिक है। वहीं, इसी अवधि में कच्चे स्टील (क्रूड स्टील) का उत्पादन भी 3 प्रतिशत बढ़कर 4.21 करोड़ टन पर पहुंच गया, जबकि पिछले वर्ष यह 4.08 करोड़ टन था।
मांग और उत्पादन क्षमता में वृद्धि
आंकड़े बताते हैं कि जून महीने में तैयार स्टील की खपत में साल-दर-साल 25.6 प्रतिशत की ज़बरदस्त बढ़ोतरी हुई। सरकार का कहना है कि हाईवे, रेलवे और बंदरगाह जैसी बड़ी परियोजनाओं में निवेश बढ़ने से स्टील की मांग को सीधा फायदा मिला है। अकेले जून 2026 में, तैयार स्टील का उत्पादन 1.35 करोड़ टन और कच्चे स्टील का उत्पादन 1.41 करोड़ टन रहा, जो पिछले साल जून की तुलना में क्रमशः 3.8% और 4.5% ज़्यादा है।
सरकार के बयान के मुताबिक, जून 2026 तक भारत की कुल कच्चा स्टील उत्पादन क्षमता बढ़कर लगभग 22.2 करोड़ टन प्रति वर्ष हो गई है। यह देश को राष्ट्रीय इस्पात नीति के तहत 2030 तक 30 करोड़ टन प्रति वर्ष उत्पादन क्षमता के लक्ष्य के करीब ले जा रहा है।
सरकारी कंपनियों का प्रदर्शन और भविष्य की योजनाएं
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी सेल (SAIL) ने भी मजबूत मांग के बीच वित्त वर्ष 2025-26 में 1.993 करोड़ टन की रिकॉर्ड बिक्री और 1,10,810 करोड़ रुपए का राजस्व दर्ज किया था, जो बिक्री में 11.4% की वार्षिक वृद्धि दर्शाता है।
इसके अलावा, सेल और एनएमडीसी कच्चे माल की सुरक्षा के लिए रूस में कोकिंग कोल और निकेल की खदानों के अधिग्रहण की संभावनाएं तलाश रही हैं। मई 2026 में रूस दौरे के बाद सेल ने अवसरों का मूल्यांकन करने के लिए एक आंतरिक समिति बनाई है। वहीं, सेल के भिलाई स्टील प्लांट को टिकाऊ उत्पादन के लिए उसके टीएमटी बार पर 'एनवायरनमेंटल प्रोडक्ट डिक्लेरेशन' (EPD) सर्टिफिकेशन भी मिला है। प्लांट की 15 मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर परियोजना से सालाना 3.43 करोड़ यूनिट स्वच्छ बिजली पैदा हो रही है, जो ग्रीन स्टील की बढ़ती मांग के अनुरूप है।
इनपुट: IANS



