भारत में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री दोगुनी हुई, पेट्रोल की महंगाई से लोग EV की ओर आकर्षित
भारत के ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का दबदबा तेजी से बढ़ रहा है। 2026 की दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान देश में इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों (EPV) की बिक्री में साल-दर-साल 102% की…
भारत के ऑटोमोबाइल बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का दबदबा तेजी से बढ़ रहा है। 2026 की दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) के दौरान देश में इलेक्ट्रिक पैसेंजर वाहनों (EPV) की बिक्री में साल-दर-साल 102% की जबरदस्त उछाल दर्ज की गई। यह आंकड़ा सामान्य पैसेंजर वाहन (PV) बाजार की 26% की वृद्धि दर से कहीं ज्यादा है। समाचार एजेंसी IANS ने साइबरमीडिया रिसर्च (CMR) की एक रिपोर्ट के हवाले से यह जानकारी दी है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इलेक्ट्रिक कारों की इस तेज रफ्तार बिक्री के पीछे कई अहम वजहें हैं। बाजार में अब ग्राहकों के लिए पहले से ज्यादा मॉडल उपलब्ध हैं, गाड़ियों की सप्लाई बेहतर हुई है और पेट्रोल की ऊंची कीमतों के मुकाबले इलेक्ट्रिक वाहन चलाने का खर्च (कुल स्वामित्व लागत) काफी आकर्षक हो गया है। इन कारणों से पारंपरिक पेट्रोल-डीजल (ICE) इंजन वाली गाड़ियां खरीदने वाले कई ग्राहक अब इलेक्ट्रिक सेगमेंट की ओर रुख कर रहे हैं।
SUV और कनेक्टेड कारों का जलवा
CMR की रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुल पैसेंजर वाहन बाजार में स्पोर्ट्स यूटिलिटी व्हीकल (SUV) की बादशाहत कायम है। कुल बाजार में 58% हिस्सेदारी के साथ SUV सेगमेंट में 33% की सालाना वृद्धि देखी गई। ग्राहकों के बीच बेहतर ग्राउंड क्लीयरेंस, दमदार रोड प्रेजेंस और एडवांस टेक्नोलॉजी वाले फीचर्स इसकी लोकप्रियता की मुख्य वजह हैं।
इसके अलावा, कनेक्टेड वाहनों यानी इंटरनेट से जुड़ी सुविधाओं वाली कारों की मांग भी बढ़ी है। इनकी बिक्री में 60% की सालाना बढ़ोतरी हुई और बाजार में इनकी हिस्सेदारी 34% से बढ़कर 43% हो गई। CMR के अनुसार, "इलेक्ट्रिफिकेशन, सुरक्षा और डिजिटलीकरण अब सीमित फीचर्स न रहकर विकास के मुख्य कारक बन गए हैं।"
भविष्य का अनुमान और तकनीकी ट्रेंड्स
साइबरमीडिया रिसर्च का अनुमान है कि 2026 के अंत तक भारत के कुल पैसेंजर वाहन बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 7 से 8 प्रतिशत तक पहुंच जाएगी। वहीं, कनेक्टेड वाहनों का हिस्सा 40 से 45 प्रतिशत तक हो सकता है। CMR के सीनियर एनालिस्ट अमित शर्मा ने कहा, "आने वाले त्योहारी सीजन, नए मॉडलों की लॉन्चिंग और SUV की लगातार मांग के चलते 2026 की दूसरी छमाही में भी भारतीय पैसेंजर वाहन बाजार में स्थिर वृद्धि देखने को मिलेगी।"
रिपोर्ट में अन्य तकनीकी फीचर्स के बढ़ते चलन पर भी प्रकाश डाला गया है:
- डिजिटल क्लस्टर: इन वाहनों की बिक्री 63% बढ़ी और इनकी बाजार हिस्सेदारी 46% हो गई।
- टचस्क्रीन डिस्प्ले: इस फीचर वाले वाहनों की बिक्री में 45% की वृद्धि हुई।
- ADAS (एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम): सेफ्टी के इस एडवांस फीचर से लैस गाड़ियों की बिक्री 57% बढ़ी, जिनमें 88% लेवल-2 सिस्टम वाले वाहन थे।
हालांकि, रिपोर्ट यह भी साफ करती है कि भारतीय कार बाजार अभी भी कीमत के प्रति संवेदनशील है, जहां 30 लाख रुपये से कम कीमत वाली गाड़ियों की कुल बिक्री में 98% हिस्सेदारी है।
इनपुट: IANS



