भारत में फ्लेक्सिबल ऑफिस स्पेस की बहार: 6 महीने में लीजिंग 68% बढ़ी, बेंगलुरु सबसे आगे
भारत के ऑफिस स्पेस बाजार में फ्लेक्सिबल यानी सह-कार्यस्थलों (Co-working Spaces) की मांग तेजी से बढ़ रही है। कुशमैन एंड वेकफील्ड की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के पहले छह महीनों में देश के शीर्ष आठ…
भारत के ऑफिस स्पेस बाजार में फ्लेक्सिबल यानी सह-कार्यस्थलों (Co-working Spaces) की मांग तेजी से बढ़ रही है। कुशमैन एंड वेकफील्ड की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के पहले छह महीनों में देश के शीर्ष आठ शहरों में फ्लेक्सिबल वर्कस्पेस ऑपरेटर्स ने रिकॉर्ड तोड़ कारोबार किया है। समाचार एजेंसी IANS के हवाले से जारी इन आंकड़ों से पता चलता है कि कंपनियों के काम करने के तौर-तरीकों में एक बड़ा बदलाव आ रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से जून 2026 के बीच इन ऑपरेटर्स ने कुल 1,91,306 सीटें लीज पर दीं, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 68.4 प्रतिशत की भारी बढ़ोतरी है। कुल मिलाकर, इस सेगमेंट ने 84 लाख वर्ग फुट (8.4 msf) जगह लीज पर दी, जो सालाना आधार पर 55 प्रतिशत से ज्यादा की वृद्धि दर्शाती है। यह किसी भी छमाही में अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है।
क्यों बढ़ रही है फ्लेक्स स्पेस की मांग?
इस उछाल के पीछे मुख्य रूप से एंटरप्राइजेज, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और ऐसी कंपनियां हैं जो अपने ऑफिस के लिए ज्यादा लचीले विकल्प चाहती हैं। खास तौर पर GCC, जो बहुराष्ट्रीय कंपनियों के भारतीय ऑफिस होते हैं, इस मांग का एक बड़ा स्रोत बनकर उभरे हैं। कुल सीट लीजिंग में उनकी हिस्सेदारी 2025 के 37 प्रतिशत से बढ़कर इस साल 44 प्रतिशत हो गई है। कुशमैन एंड वेकफील्ड की एग्जीक्यूटिव मैनेजिंग डायरेक्टर रमीता अरोड़ा ने कहा, "आज कारोबार अत्यधिक कस्टमाइज्ड और बेहतर अनुभव देने वाले वर्कप्लेस की तलाश कर रहे हैं।" उन्होंने बताया कि वैश्विक मानकों, ब्रांड पहचान और वेलनेस-केंद्रित डिजाइन वाले फ्लेक्स स्पेस की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है।
शहरों का प्रदर्शन: बेंगलुरु टॉप पर, हैदराबाद में तेज उछाल
शहरों के हिसाब से देखें तो बेंगलुरु देश का सबसे बड़ा फ्लेक्स मार्केट बना हुआ है। 2026 की पहली छमाही में यहां 57,487 सीटें लीज पर दी गईं, जो कुल लीजिंग का 30 प्रतिशत हिस्सा है। वहीं, 40,451 सीटों के साथ हैदराबाद दूसरे स्थान पर रहा, जहां टेक्नोलॉजी कंपनियों और GCC की भारी मांग के चलते सालाना 170.8 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई।
अन्य प्रमुख शहरों में भी मजबूत ग्रोथ दिखी। मुंबई में लीजिंग 130 प्रतिशत और दिल्ली-एनसीआर में 152.7 प्रतिशत बढ़ी। पुणे में 27.8 प्रतिशत और चेन्नई में 3.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई। हालांकि, सबसे तेज बढ़ोतरी अहमदाबाद में देखी गई, जहां छोटे आधार के बावजूद सालाना 570.3 प्रतिशत का उछाल आया।
इनपुट: IANS



