जन धन योजना का असर: भारत में बढ़ा वित्तीय समावेशन, सूचकांक में बड़ी छलांग
भारत में औपचारिक बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं तक आम लोगों की पहुंच में एक बड़ी कामयाबी देखने को मिली है। एक आधिकारिक फैक्टशीट के मुताबिक, देश का वित्तीय समावेशन सूचकांक 2018 के 53.9 अंक से बढ़कर 2026…
भारत में औपचारिक बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं तक आम लोगों की पहुंच में एक बड़ी कामयाबी देखने को मिली है। एक आधिकारिक फैक्टशीट के मुताबिक, देश का वित्तीय समावेशन सूचकांक 2018 के 53.9 अंक से बढ़कर 2026 में 67 पर पहुंच गया है। समाचार एजेंसी IANS की इस रिपोर्ट के अनुसार, यह सुधार दिखाता है कि बचत, कर्ज, बीमा और डिजिटल भुगतान जैसी सुविधाएं अब पहले से कहीं ज़्यादा लोगों तक पहुंच रही हैं, जिसमें प्रधानमंत्री जन धन योजना (PM-JDY) की अहम भूमिका रही है।
प्रधानमंत्री जन धन योजना ने बैंकिंग व्यवस्था से दूर रही एक बड़ी आबादी को औपचारिक अर्थव्यवस्था से जोड़ने का काम किया है। 2015 की तुलना में जन धन खातों की संख्या लगभग चार गुना बढ़कर 59.09 करोड़ हो गई है। खास बात यह है कि इन खातों में जमा कुल राशि में लगभग 20 गुना की भारी बढ़ोतरी हुई है, जो मार्च 2015 के 15,670 करोड़ रुपए से बढ़कर 19 अगस्त 2026 तक 3,16,514 करोड़ रुपए पर पहुंच गई। यह आंकड़ा निम्न आय वर्ग में बचत की आदत और बैंकिंग प्रणाली पर बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
ग्रामीण भारत और महिलाओं की भागीदारी बढ़ी
इस योजना का सबसे ज़्यादा फायदा ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों को मिला है, जहां कुल 59.09 करोड़ में से 45.95 करोड़ खाते खोले गए हैं। इससे पता चलता है कि बैंकिंग सेवाएं अब देश के दूर-दराज के इलाकों तक पहुंच रही हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में भी यह योजना कारगर साबित हुई है। 19 अगस्त 2026 तक, कुल जन धन लाभार्थियों में 32.92 करोड़ महिलाएं थीं, जो वित्तीय प्रणाली में उनकी बढ़ती भागीदारी का स्पष्ट संकेत है।
सिर्फ़ खाता नहीं, कई अन्य सुविधाएं भी
शुरुआत में हर परिवार तक बैंकिंग सुविधा पहुंचाने के लक्ष्य के साथ शुरू हुई इस योजना का दायरा बाद में हर उस वयस्क तक बढ़ा दिया गया, जिसके पास बैंक खाता नहीं था। यह योजना सिर्फ खाता खोलने तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इसके ज़रिए लाभार्थियों को कई अन्य वित्तीय सेवाएं भी मिलती हैं।
मुख्य सुविधाओं में शामिल हैं:
- डिजिटल भुगतान: खाताधारकों को 41.29 करोड़ रुपे डेबिट कार्ड जारी किए गए हैं, जिससे डिजिटल लेन-देन को बढ़ावा मिला है।
- ओवरड्राफ्ट सुविधा: संतोषजनक ढंग से खाता चलाने के छह महीने बाद, पात्र खाताधारकों को 10,000 रुपए तक की ओवरड्राफ्ट (छोटी कर्ज सुविधा) मिल सकती है।
- सरकारी योजनाओं का लाभ: जन धन खाते प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) के साथ-साथ प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना और मुद्रा योजना जैसी स्कीमों का लाभ उठाने का माध्यम भी बने हैं।
इनपुट: IANS



