त्योहारी मौसम से पहले भारतीय ऑटो बाज़ार में रौनक़, दोपहिया और यात्री वाहनों की बिक्री में जोरदार उछाल
अगस्त महीने में भारत के ऑटोमोबाइल बाज़ार ने एक मजबूत प्रदर्शन किया है, जिसमें दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री में करीब 20 प्रतिशत की शानदार वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। समाचार एजेंसी IANS को मिली एक…
अगस्त महीने में भारत के ऑटोमोबाइल बाज़ार ने एक मजबूत प्रदर्शन किया है, जिसमें दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री में करीब 20 प्रतिशत की शानदार वार्षिक वृद्धि दर्ज की गई। समाचार एजेंसी IANS को मिली एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस उछाल के पीछे मुख्य रूप से ओणम त्योहार से बढ़ी मांग और पिछले साल का कम बिक्री आधार (low base) रहा।
यस सिक्योरिटीज द्वारा जारी इस रिपोर्ट में बताया गया है कि न सिर्फ दोपहिया, बल्कि यात्री वाहनों (पैसेंजर व्हीकल्स) के बाज़ार ने भी अच्छी रफ़्तार पकड़ी है। अगस्त में यात्री वाहनों की खुदरा बिक्री में साल-दर-साल 11 से 13 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। ओणम के कारण इस सेगमेंट को भी लगभग 20 प्रतिशत का अतिरिक्त बिक्री समर्थन मिला। आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि ग्रामीण क्षेत्रों की तुलना में शहरी बाज़ारों में मांग ज़्यादा मज़बूत रही है।
विभिन्न वाहन श्रेणियों का प्रदर्शन
कमर्शियल वाहन और ट्रैक्टर: रिपोर्ट के अनुसार, मध्यम और भारी वाणिज्यिक वाहनों (कमर्शियल व्हीकल्स) की मांग भी मज़बूत बनी हुई है। दिल्ली-एनसीआर में नवंबर 2026 से बीएस-4 वाहनों के प्रवेश पर प्रस्तावित प्रतिबंध से पुराने वाहनों को बदलने की मांग बढ़ सकती है, जिससे इस क्षेत्र को और बल मिलने की उम्मीद है। वहीं, ट्रैक्टरों की बिक्री दोहरे अंकों की वृद्धि दर पर बनी हुई है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती का एक सकारात्मक संकेत है।
इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती लोकप्रियता: शहरी, टियर-1 और टियर-2 शहरों के डीलरों ने इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में तेज उछाल की जानकारी दी है। अगस्त में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री और बुकिंग मजबूत रही। ईवी के साथ-साथ सीएनजी वाहनों की पूछताछ और बुकिंग में 30 प्रतिशत से ज़्यादा की बढ़ोतरी देखी गई है।
बाज़ार के बदलते रुझान और ग्राहकों की पसंद
एक अहम बदलाव ग्राहकों की पसंद में भी देखा जा रहा है। खरीदार अब सिर्फ कम लागत पर ध्यान केंद्रित नहीं कर रहे हैं, बल्कि बेहतर तकनीक, प्रदर्शन और अतिरिक्त सुविधाओं वाले मॉडल को प्राथमिकता दे रहे हैं। इसी वजह से प्रीमियम और उच्च श्रेणी के मॉडलों की मांग में तेज़ी आई है।
रिपोर्ट यह भी बताती है कि नए वाहनों के लिए ग्राहकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है और ऑर्गेनिक पूछताछ में 10 से 12 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। हालांकि, अच्छी बिक्री के बावजूद डीलरों के पास यात्री वाहनों का स्टॉक लगभग चार सप्ताह के स्तर पर नियंत्रित है। वहीं, वैकल्पिक ईंधन वाले कुछ लोकप्रिय मॉडलों के लिए प्रतीक्षा अवधि (waiting period) अभी भी लंबी बनी हुई है।
इनपुट: IANS



