भारतीय रियल एस्टेट में निवेशकों का भरोसा बढ़ा, 6 महीनों में आया 3.2 अरब डॉलर का निवेश
चालू साल की पहली छमाही (जनवरी-जून 2026) में भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर ने निवेशकों का ध्यान खींचने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस दौरान निजी इक्विटी (PE) के ज़रिए कुल 3.2 अरब डॉलर का निवेश आया, जो पि
चालू साल की पहली छमाही (जनवरी-जून 2026) में भारतीय रियल एस्टेट सेक्टर ने निवेशकों का ध्यान खींचने में बड़ी कामयाबी हासिल की है। इस दौरान निजी इक्विटी (PE) के ज़रिए कुल 3.2 अरब डॉलर का निवेश आया, जो पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 33% ज़्यादा है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह आंकड़ा सेक्टर में बढ़ते भरोसे का संकेत है।
यह तेज़ी साल की दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) में और भी स्पष्ट दिखी, जब 2 अरब डॉलर का निवेश हुआ। यह 2025 की दूसरी तिमाही की तुलना में 25% की वृद्धि दर्शाता है। यह रिपोर्ट ग्लोबल रियल एस्टेट कंसल्टिंग फर्म 'सैविल्स इंडिया' ने जारी की है। इसमें प्राइवेट इक्विटी डील्स, वैकल्पिक निवेश फंड (AIF) और नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCD) के ज़रिए हुए स्ट्रक्चर्ड डेट डील्स को शामिल किया गया है।
निवेश का बदलता ट्रेंड: डेटा सेंटर्स बने पहली पसंद
दिलचस्प बात यह है कि अप्रैल से जून 2026 के बीच हुए कुल निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा, यानी 38%, डेटा सेंटर्स में गया। इसने पारंपरिक रूप से सबसे आगे रहने वाले ऑफिस स्पेस के ट्रेंड को बदला है। इस तिमाही में ऑफिस सेगमेंट 30% हिस्सेदारी के साथ दूसरे और रेजिडेंशियल (आवासीय) सेगमेंट 16% के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
हालांकि, पूरे छह महीनों (जनवरी-जून) के आंकड़ों को देखें तो ऑफिस सेगमेंट अब भी 34% हिस्सेदारी के साथ सबसे आगे बना हुआ है। इसके अलावा निवेशकों ने हॉस्पिटैलिटी (8%) और स्टूडेंट हाउसिंग/को-लिविंग (3%) जैसे वैकल्पिक क्षेत्रों में भी पैसा लगाया।
घरेलू और विदेशी निवेशकों की भागीदारी
कुल निवेश में घरेलू निवेशकों की भूमिका अहम रही, जिनकी हिस्सेदारी 51% थी। घरेलू पूंजी मुख्य रूप से भारत के टियर-1 शहरों के ऑफिस सेगमेंट में लगाई गई, जहाँ कुल घरेलू निवेश का 68% हिस्सा गया। वहीं, बाकी 49% निवेश विदेशी स्रोतों से आया। इसमें भी सबसे बड़ी हिस्सेदारी (69%) अमेरिका और कनाडा के निवेशकों की रही, जिन्होंने डेटा सेंटर्स और हॉस्पिटैलिटी सेगमेंट को प्राथमिकता दी।
सैविल्स इंडिया के कैपिटल मार्केट सर्विसेज के मैनेजिंग डायरेक्टर, सुमीत भाटिया ने कहा, "2026 की पहली छमाही में पीई निवेश से भारत के रियल एस्टेट मार्केट में निवेशकों का बढ़ता भरोसा दिखता है... हॉस्पिटैलिटी, हेल्थकेयर और स्टूडेंट हाउसिंग/को-लिविंग में लगातार निवेश से पता चलता है कि निवेशक अब परिपक्व हो रहे हैं और भारत की डिजिटल और वैकल्पिक रियल एस्टेट ग्रोथ स्टोरी पर दांव लगा रहे हैं।" रिपोर्ट में अनुमान लगाया गया है कि आने वाली तिमाहियों में भी यह तेज़ी जारी रहेगी।
इनपुट: IANS



