गुरूवार, 15 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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भारत-अमेरिका व्यापार समझौता मंज़िल के क़रीब, अमेरिकी राजदूत ने कहा- बस कुछ मुद्दों पर बातचीत बाक़ी

भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की प्रक्रिया अब अपने आख़िरी दौर में है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो…

भारत-अमेरिका व्यापार समझौता मंज़िल के क़रीब, अमेरिकी राजदूत ने कहा- बस कुछ मुद्दों पर बातचीत बाक़ी
(फोटो: IANS)

भारत और अमेरिका के बीच बहुप्रतीक्षित द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिए जाने की प्रक्रिया अब अपने आख़िरी दौर में है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने गुरुवार को बताया कि समझौते के ज़्यादातर बड़े मुद्दों पर दोनों देशों के बीच सहमति बन चुकी है और अब केवल कुछ विशेष बिंदुओं पर बातचीत जारी है।

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नई दिल्ली में आयोजित ब्लूमबर्ग न्यू इकॉनमी फोरम में बोलते हुए राजदूत गोर ने इस बातचीत को दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच सबसे तेज़ी से आगे बढ़ने वाली वार्ताओं में से एक बताया। उन्होंने कहा, "समझौते की बड़ी तस्वीर, व्यापक ढांचा और प्रमुख मुद्दों पर काम पूरा हो चुका है।" उनके मुताबिक, अब चर्चा उत्पाद-विशेष और शुल्कों के स्तर जैसे तकनीकी मामलों पर केंद्रित है, जिसमें अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि जेमीसन ग्रीर और भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल जैसे वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

रणनीतिक साझेदारी और तकनीकी सहयोग

व्यापार समझौते से आगे बढ़कर, राजदूत गोर ने भारत को अमेरिका का एक भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार द्वारा उभरती प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में की गई पहल की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), स्वच्छ ऊर्जा और असैन्य परमाणु ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग दोनों देशों के लिए नए अवसर पैदा कर रहा है।

इस साझेदारी को मज़बूती देने में गूगल, माइक्रोसॉफ्ट, एडोबी और माइक्रोन जैसी प्रमुख अमेरिकी प्रौद्योगिकी कंपनियों के बढ़ते भारतीय निवेश का भी उन्होंने उल्लेख किया।

रक्षा संबंध और आगामी यात्रा

दोनों देशों के बीच गहरे होते रक्षा संबंधों पर राजदूत ने कहा कि भारत किसी भी अन्य देश की तुलना में अमेरिका के साथ सबसे ज़्यादा संयुक्त सैन्य अभ्यास करता है। उन्होंने हाल के अभ्यासों में एफ-35 लड़ाकू विमानों की भागीदारी को बढ़ते रणनीतिक विश्वास का प्रमाण बताया।

इसी क्रम में, गोर ने यह भी घोषणा की कि अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो जल्द ही भारत का दौरा करेंगे। यह यात्रा द्विपक्षीय व्यापार, निवेश और कारोबारी साझेदारियों पर केंद्रित होगी। उनके मुंबई और जामनगर में कई कार्यक्रमों में शामिल होने की योजना है। रूस से संबंधित अमेरिकी प्रतिबंधों पर चिंताओं को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि ये कदम किसी देश को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि संघर्ष को समाप्त करने के उद्देश्य से हैं और इस पर चर्चा जारी है।

इनपुट: IANS

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