गुरूवार, 15 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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वैश्विक भूख सूचकांक 2025: पाकिस्तान की स्थिति दक्षिण एशिया में सबसे खराब, दुनिया भर में भुखमरी फिर बढ़ी

वैश्विक भूख सूचकांक (Global Hunger Index) 2025 की ताजा रिपोर्ट में पाकिस्तान को दक्षिण एशिया का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला देश बताया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, आर्थिक संकट, जलवायु…

वैश्विक भूख सूचकांक 2025: पाकिस्तान की स्थिति दक्षिण एशिया में सबसे खराब, दुनिया भर में भुखमरी फिर बढ़ी
(फोटो: IANS)

वैश्विक भूख सूचकांक (Global Hunger Index) 2025 की ताजा रिपोर्ट में पाकिस्तान को दक्षिण एशिया का सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला देश बताया गया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, आर्थिक संकट, जलवायु परिवर्तन और वैश्विक संघर्षों के चलते देश में खाद्य सुरक्षा की स्थिति गंभीर हो गई है, जिससे भुखमरी तेजी से बढ़ी है। यह रिपोर्ट 'वेल्थंगरहिल्फे,' 'इंस्टीट्यूट फॉर इंटरनेशनल लॉ ऑफ पीस एंड आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट' (रूर यूनिवर्सिटी बोचुम) और स्विस संगठन 'हेल्वेटास' ने संयुक्त रूप से जारी की है, जिसकी थीम "खाद्य सुरक्षा के बिना कोई सुरक्षा नहीं" है।

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रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान में कुपोषण का स्तर 2018 के 'कम' स्तर से बढ़कर अब 'मध्यम' श्रेणी में आ गया है। बच्चों में 'वेस्टिंग' (उम्र के हिसाब से बहुत कम वजन) की समस्या भी 'उच्च' स्तर पर पहुँच गई है। देश की आर्थिक अस्थिरता और खाद्य पदार्थों की आसमान छूती कीमतों ने आम लोगों की खरीदने की क्षमता को बुरी तरह प्रभावित किया है।

दक्षिण एशिया और वैश्विक रुझान

पूरे दक्षिण एशिया में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, हालांकि 2000 के बाद से इसमें कुछ सुधार दिखा है। क्षेत्र का स्कोर 2000 में 37.5 था, जो अब घटकर 23.5 हो गया है, लेकिन ज्यादातर सुधार 2018 से पहले ही हुआ था। 2018 के बाद से पाकिस्तान और अफगानिस्तान में हालात और बिगड़े हैं। इन दोनों देशों में बच्चों की 'स्टंटिंग' (उम्र के हिसाब से बहुत कम कद) की दर अब भी बहुत अधिक है, हालांकि बाल मृत्यु दर में कमी आई है।

खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) के आंकड़ों के अनुसार, 2023 से 2025 के बीच दक्षिण एशिया (ईरान सहित) में 218 मिलियन लोग कुपोषित थे, जो दुनिया भर में कुपोषित लोगों की कुल संख्या का लगभग एक तिहाई है।

दुनिया भर में भुखमरी का बढ़ता संकट

वैश्विक स्तर पर भी लगभग दो दशकों की प्रगति के बाद भुखमरी एक बार फिर बढ़ रही है। 2026 का वैश्विक स्कोर 18.1 है, जो 2018 के 17.6 के स्कोर से भी खराब है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि 57 देश 2030 तक भुखमरी के निम्न स्तर को भी हासिल करने में विफल रहने की राह पर हैं।

इस संकट के पीछे सशस्त्र संघर्षों, प्राकृतिक आपदाओं, यूक्रेन युद्ध और प्रमुख जलमार्गों में शिपिंग बाधाओं को मुख्य कारण माना गया है। इन वजहों से ईंधन, परिवहन, उर्वरक और गेहूं की कीमतें बढ़ रही हैं, जिससे 'ग्लोबल साउथ' के देशों में आम लोगों के लिए बुनियादी चीजें खरीदना मुश्किल हो गया है।

इनपुट: IANS

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