भारतीय स्मार्टफोन बाज़ार: सस्ते फोन की बिक्री घटी, महंगे मॉडलों की मांग में ज़बरदस्त उछाल
भारत में स्मार्टफोन बाज़ार एक बड़े बदलाव से गुज़र रहा है, जहाँ एक तरफ सस्ते और किफ़ायती फोन की बिक्री में भारी गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर महंगे प्रीमियम फोन खरीदने वालों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है। समाचार…
भारत में स्मार्टफोन बाज़ार एक बड़े बदलाव से गुज़र रहा है, जहाँ एक तरफ सस्ते और किफ़ायती फोन की बिक्री में भारी गिरावट आई है, वहीं दूसरी ओर महंगे प्रीमियम फोन खरीदने वालों की संख्या तेज़ी से बढ़ी है। समाचार एजेंसी IANS को साइबरमीडिया रिसर्च (CMR) से मिले आंकड़ों के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही में कुल स्मार्टफोन शिपमेंट में पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 10% की कमी दर्ज की गई। इसकी मुख्य वजह यह है कि आम उपभोक्ता अपना फोन अपग्रेड टाल रहे हैं, जबकि कंपनियां और रिटेलर पुराना स्टॉक निकालने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, इस सुस्ती के पीछे कई कारण हैं, जैसे—उपभोक्ताओं का खर्च को लेकर सतर्क रहना, स्मार्टफोन के पुर्जों और डिवाइस की लागत बढ़ना, और लोगों का अपने फोन को लंबे समय तक इस्तेमाल करना।
बजट फोन बाज़ार में भारी गिरावट
इस बाज़ार में सबसे ज़्यादा असर कम कीमत वाले सेगमेंट पर पड़ा है। आंकड़े बताते हैं कि अफ़ोर्डेबल यानी सबसे सस्ते सेगमेंट में 88% की भारी गिरावट देखी गई। वहीं, 'वैल्यू-फॉर-मनी' सेगमेंट (मध्यम रेंज) में भी 30% की सालाना गिरावट दर्ज हुई। साइबरमीडिया रिसर्च के वरिष्ठ विश्लेषक अमित शर्मा का कहना है, "बढ़ती लागत और ऊंची कीमतों के कारण ₹15,000 से कम कीमत वाले सेगमेंट पर 2026 की दूसरी छमाही में भी दबाव बने रहने की उम्मीद है, क्योंकि उपभोक्ता फोन बदलने की अवधि को और बढ़ा रहे हैं।"
प्रीमियम सेगमेंट की मज़बूत पकड़
कम कीमत वाले फोन के विपरीत, प्रीमियम सेगमेंट (₹25,000 से ज़्यादा कीमत वाले फोन) में 54% की शानदार बढ़ोतरी हुई। इसमें भी सबसे ज़्यादा उछाल सुपर-प्रीमियम सेगमेंट (₹50,000 से ₹1 लाख) में आया, जहाँ 72% की ज़बरदस्त वृद्धि दर्ज की गई। इस बढ़ोतरी की वजह आकर्षक फाइनेंसिंग योजनाएं हैं, जैसे कि ज़ीरो-कॉस्ट EMI और पुराने फोन पर ट्रेड-इन ऑफर।
साइबरमीडिया रिसर्च की वरिष्ठ विश्लेषक मेन्का कुमारी ने कहा, "सुपर-प्रीमियम सेगमेंट की 72 प्रतिशत सालाना वृद्धि बताती है कि प्रीमियम फोन अपग्रेड में जीरो-कॉस्ट ईएमआई, ट्रेड-इन ऑफर और कंज्यूमर क्रेडिट जैसी फाइनेंसिंग व्यवस्थाएं निर्णायक कारक बन रही हैं। अब केवल एआई फीचर्स या कैमरा हार्डवेयर ही फैसला नहीं करते।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि कीमत को लेकर संवेदनशील उपभोक्ता फोन अपग्रेड टाल रहे हैं, जिससे सस्ते सेगमेंट दबाव में हैं।
फीचर फोन और भविष्य का अनुमान
स्मार्टफोन के अलावा, 2G फीचर फोन सेगमेंट में 5% की मामूली बढ़ोतरी हुई, जबकि 4G फीचर फोन की बिक्री 43% घट गई। CMR ने अनुमान लगाया है कि कैलेंडर वर्ष 2026 में भारत का स्मार्टफोन बाज़ार कुल मिलाकर 10–12 प्रतिशत तक घट सकता है। हालांकि, अमित शर्मा के अनुसार, 2026 की दूसरी छमाही में प्रीमियम और सुपर-प्रीमियम सेगमेंट 50% से ज़्यादा बढ़ सकते हैं, जिसे AI-सक्षम अनुभव और बेहतर डिज़ाइन से मदद मिलेगी।
इनपुट: IANS



