फ्रांस में हिंसक प्रदर्शनों के बीच भारतीय दूतावास की एडवाइजरी, नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह
फ्रांस में जीवन-यापन की बढ़ती लागत और सरकार की नीतियों के खिलाफ हो रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच पेरिस स्थित भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एक सुरक्षा सलाह जारी की है। समाचार एजेंसी IANS…
फ्रांस में जीवन-यापन की बढ़ती लागत और सरकार की नीतियों के खिलाफ हो रहे हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बीच पेरिस स्थित भारतीय दूतावास ने अपने नागरिकों के लिए एक सुरक्षा सलाह जारी की है। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, दूतावास ने फ्रांस में रहने वाले या वहां की यात्रा करने वाले भारतीयों से अत्यधिक सावधानी बरतने का आग्रह किया है।
यह एडवाइजरी ऐसे समय में आई है जब फ्रांस के कई शहर राष्ट्रव्यापी सरकार-विरोधी प्रदर्शनों की चपेट में हैं। शुरुआत में यह आंदोलन सितंबर 2026 के अंत में स्कूलों की खराब हालत और शिक्षकों की कमी को लेकर शुरू हुआ था, लेकिन जल्द ही इसने व्यापक रूप ले लिया। अब यह ईंधन की ऊंची कीमतों, सार्वजनिक क्षेत्र में बजट कटौती और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के प्रशासन के प्रति सामान्य असंतोष से प्रेरित हो गया है।
नागरिकों के लिए जारी दिशा-निर्देश
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जारी एक बयान में, भारतीय दूतावास ने कहा कि फ्रांस में रहने वाले या वहां आने वाले भारतीय नागरिकों को भीड़-भाड़ वाले इलाकों या प्रदर्शन स्थलों पर विशेष रूप से सतर्क रहना चाहिए। विरोध प्रदर्शनों और नागरिक अशांति के कारण कई जगहों पर स्थानीय कर्फ्यू लगाया गया है, जिससे सड़क यात्रा और सार्वजनिक परिवहन में देरी या कटौती हो सकती है।
दूतावास ने यात्रियों को सलाह दी है, "फ्रांस की यात्रा करने या फ्रांस के भीतर यात्रा की योजना बना रहे लोगों को रीयल-टाइम शेड्यूल में बदलाव के लिए अपनी एयरलाइंस या ट्रैवल एजेंसियों के सीधे संपर्क में रहने की सलाह दी जाती है।" इसके अलावा, नागरिकों से स्थानीय फ्रांसीसी अधिकारियों, पुलिस और दूतावास के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नजर रखने को कहा गया है ताकि वे नवीनतम जानकारी से अपडेट रहें। किसी भी आपात स्थिति के लिए दूतावास ने अपना ईमेल और फोन नंबर भी साझा किया है।
फ्रांसीसी सरकार का रुख
फ्रांसीसी सरकार ने नए सामाजिक प्रदर्शनों में हिंसा को रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाने का संकल्प लिया है। इससे पहले 17 अक्टूबर को हुए दंगों में बड़े पैमाने पर तबाही हुई थी और हजारों गिरफ्तारियां हुई थीं। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मीडिया को बताया कि सरकार ऐसी हिंसक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी कानूनी उपायों का इस्तेमाल करेगी।
हालांकि, कुछ राजनेताओं द्वारा देश में आपातकाल की स्थिति घोषित करने की मांग पर राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई कदम आवश्यक नहीं है, लेकिन जरूरत पड़ने पर इसे लागू किया जा सकता है। सरकार ने 17 अक्टूबर के दंगों के बाद कई शहरों में लक्षित कर्फ्यू लगाए थे, जिससे शांति बनाए रखने में मदद मिली।
इनपुट: IANS



