मंगलवार, 18 अगस्त 2026 · नई दिल्ली
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भारत-इजरायल मुक्त व्यापार समझौता: दो और दौर की बातचीत बाकी, फरवरी 2027 तक स्थिति साफ होने की उम्मीद

भारत और इजरायल के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है। इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अब दो और दौर की वार्ता होनी है, जिसके बाद फरवरी 2027 तक इस पर…

भारत-इजरायल मुक्त व्यापार समझौता: दो और दौर की बातचीत बाकी, फरवरी 2027 तक स्थिति साफ होने की उम्मीद
(फोटो: IANS)

भारत और इजरायल के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को लेकर बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है। इस समझौते को अंतिम रूप देने के लिए अब दो और दौर की वार्ता होनी है, जिसके बाद फरवरी 2027 तक इस पर तस्वीर साफ हो जाने की उम्मीद है। समाचार एजेंसी IANS से एक खास बातचीत में भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने यह जानकारी दी।

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राजदूत अजार के अनुसार, पिछले साल के अंत में दोनों देशों ने बातचीत की रूपरेखा (टर्म्स ऑफ रेफरेंस) पर सहमति बना ली थी, जिसके बाद औपचारिक वार्ता का सिलसिला शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि वार्ता का दूसरा दौर पिछले महीने ही पूरा हुआ है। अब अगली बातचीत अक्टूबर में और अंतिम दौर की वार्ता संभवतः फरवरी 2027 में होगी।

समझौते के मुख्य बिंदु और चुनौतियां

रूवेन अजार ने कहा, "मुझे लगता है कि तब तक (फरवरी 2027) हमें स्पष्ट रूप से पता चल जाएगा कि हम किस स्थिति में हैं।" उन्होंने बताया कि मौजूदा बातचीत मुख्य रूप से बाजार पहुंच जैसे पारंपरिक मुद्दों पर केंद्रित है। हालांकि, यह समझौता सिर्फ आयात शुल्क और व्यापार तक ही सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें आपसी खरीद और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग के अवसर भी शामिल होंगे।

उन्होंने यह भी माना कि बाजार पहुंच को लेकर कुछ चुनौतियां हैं। उन्होंने कहा कि इजरायल पहले ही कई क्षेत्रों में आयात शुल्क घटा चुका है और दोनों देशों के बाजार का आकार भी बहुत अलग है, जिससे व्यापार संतुलन और पहुंच से जुड़े मुद्दों पर सहमति बनाना आसान नहीं है।

हाई-टेक सहयोग में सबसे बड़ी संभावना

इजरायली राजदूत ने इस बात पर जोर दिया कि व्यापारिक चुनौतियों के बावजूद, दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने की सबसे बड़ी संभावना उच्च प्रौद्योगिकी (हाई-टेक) के क्षेत्र में सहयोग से है।

उन्होंने IANS को बताया, "मुझे लगता है कि सबसे अधिक संभावना हाई-टेक सहयोग में है।" राजदूत के मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, कृषि प्रौद्योगिकी, स्टार्टअप और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में मिलकर दोनों देश बड़े अवसर पैदा कर सकते हैं। नवाचार-आधारित सहयोग से इजरायली कंपनियों के लिए भारतीय बाजार में सक्रियता बढ़ाना आसान होगा। यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब भारत और इजरायल रक्षा, कृषि और जल प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में अपने घनिष्ठ सहयोग को लगातार मजबूत कर रहे हैं।

इनपुट: IANS

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