शनिवार, 25 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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अमेरिकी सेक्शन 301 टैरिफ: भारत को राहत, कई अहम उत्पादों पर नहीं लगेगा अतिरिक्त शुल्क

अमेरिका द्वारा जबरन श्रम (Forced Labour) से जुड़े मामलों की जांच के बाद लगाए गए नए शुल्कों में भारत को एक बड़ी राहत मिली है। सरकार ने शनिवार को बताया कि लगातार बातचीत के परिणामस्वरूप, अमेरिका ने भार…

अमेरिकी सेक्शन 301 टैरिफ: भारत को राहत, कई अहम उत्पादों पर नहीं लगेगा अतिरिक्त शुल्क
(फोटो: IANS)

अमेरिका द्वारा जबरन श्रम (Forced Labour) से जुड़े मामलों की जांच के बाद लगाए गए नए शुल्कों में भारत को एक बड़ी राहत मिली है। सरकार ने शनिवार को बताया कि लगातार बातचीत के परिणामस्वरूप, अमेरिका ने भारत को अतिरिक्त टैरिफ की निचली श्रेणी में रखा है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस फैसले से भारत के कई प्रमुख निर्यात क्षेत्रों को दूसरे देशों के मुकाबले बढ़त मिलने की उम्मीद है।

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अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) ने 23 जुलाई को 'सेक्शन 301' के तहत अंतिम उपायों की घोषणा की थी। यह कदम भारत समेत 60 देशों की नीतियों की जांच के बाद उठाया गया है, जिसका मकसद जबरन श्रम से बने सामानों के आयात को रोकना है।

कितना शुल्क और किस पर छूट?

अमेरिका ने भारत से आने वाले सामान पर 10 प्रतिशत अतिरिक्त एड वैलोरम (मूल्यानुसार) ड्यूटी लगाने का फैसला किया है। यह दर पहले प्रस्तावित 12.5% से कम है, जो 2 जून 2026 से लागू होनी थी।

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने एक बयान में स्पष्ट किया कि भारत के कई बड़े निर्यात उत्पाद इस 10% अतिरिक्त शुल्क के दायरे से बाहर रहेंगे। इनमें जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, स्मार्टफोन और कुछ अन्य उत्पाद शामिल हैं, जिन पर फिलहाल कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं है। इसके अलावा, सेक्शन 232 के तहत पहले से शुल्क के दायरे में आने वाले स्टील, एल्युमीनियम और ऑटो पार्ट्स पर भी यह नया 10% शुल्क लागू नहीं होगा।

भारतीय निर्यात पर कुल प्रभाव

इन छूटों को मिलाकर देखें तो अमेरिका को होने वाले भारत के कुल निर्यात का लगभग 45 प्रतिशत हिस्सा इस नए 10% सेक्शन 301 शुल्क से अप्रभावित रहेगा। वहीं, बाकी 55 प्रतिशत निर्यात पर यह अतिरिक्त शुल्क लागू होगा। सरकार का कहना है कि इसके बावजूद, जांच के दायरे में शामिल अधिकांश अन्य देशों की तुलना में भारत पर कुल टैरिफ का बोझ अपेक्षाकृत कम रहेगा।

मंत्रालय ने अपने बयान में कहा, "भारत सरकार ने जांच के दौरान यूएसटीआर के साथ लगातार विस्तृत लिखित प्रस्तुतियां, व्यक्तिगत स्तर पर विचार-विमर्श और सार्वजनिक सुनवाई में भागीदारी के माध्यम से सक्रिय संवाद बनाए रखा। इन निरंतर प्रयासों के परिणामस्वरूप भारत को अंतिम उपायों में अतिरिक्त टैरिफ की निचली श्रेणी में रखा गया है, जिससे प्रमुख क्षेत्रों में भारतीय निर्यात को तुलनात्मक लाभ मिलेगा।"

द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर जोर

इस बीच, सरकार ने अमेरिका के साथ भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। सरकार ने यह भी बताया कि अंतिम उपायों में उल्लिखित कपड़ा-उद्योग (टेक्सटाइल) से जुड़ी विशेष व्यवस्था को अभी स्थापित और लागू किया जाना बाकी है, जिस पर द्विपक्षीय व्यापार समझौते की बातचीत के दौरान चर्चा जारी है।

इनपुट: IANS

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