अफगानिस्तान में बाढ़ का कहर: भारत ने भेजी राहत सामग्री, नूरिस्तान में 20 की मौत, 100 से ज़्यादा लापता
अफगानिस्तान का नूरिस्तान प्रांत भीषण बाढ़ की चपेट में है, जिसमें कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई है और 100 से ज़्यादा अब भी लापता हैं। इस आपदा के बीच भारत ने प्रभावित लोगों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है…
अफगानिस्तान का नूरिस्तान प्रांत भीषण बाढ़ की चपेट में है, जिसमें कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई है और 100 से ज़्यादा अब भी लापता हैं। इस आपदा के बीच भारत ने प्रभावित लोगों की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है और मंगलवार को राहत सामग्री की एक खेप भेजी है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, इस मुश्किल समय में भारत ने अफगानिस्तान के लोगों के साथ खड़े होने का संदेश दिया है।
भारत के विदेश मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर जानकारी देते हुए कहा, "नूरिस्तान में आई भीषण बाढ़ के बाद भारत ने राहत सामग्री, जिसमें खाद्य सामग्री और परिवारों के लिए टेंट शामिल हैं, अफगानिस्तान की राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को भेजी है, ताकि प्रभावित लोगों की मदद की जा सके।" यह सामग्री सीधे अफगान एजेंसी को सौंपी गई ताकि इसका वितरण जल्द से जल्द हो सके।
बाढ़ से भारी तबाही
स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, नूरिस्तान प्रांत के परून शहर और आसपास के इलाकों में आई इस बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ के कारण कम से कम 20 लोगों की जान चली गई, जबकि 80 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं। अफगानिस्तान की समाचार एजेंसी खामा प्रेस ने तालिबान प्रशासन के हवाले से बताया है कि 100 से ज़्यादा लोग अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है।
तालिबान द्वारा संचालित राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के प्रवक्ता हाफिज मोहम्मद यूसुफ हमद ने बताया कि तेज बाढ़ ने परून और कई अन्य इलाकों में जान-माल का भारी नुकसान किया है। कई घर, दुकानें और खेती की ज़मीन या तो क्षतिग्रस्त हो गई हैं या पूरी तरह पानी में बह गई हैं, जिससे लोगों को गंभीर आर्थिक क्षति हुई है।
राहत और बचाव कार्य जारी
अधिकारियों के अनुसार, स्थिति का जायजा लेने, नुकसान का आकलन करने और लापता लोगों की तलाश के लिए विशेषज्ञ टीमों को तुरंत प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है। बचाव और राहत अभियान लगातार जारी है, इसलिए हताहतों की संख्या में बदलाव की आशंका बनी हुई है। बचाव दल उन लोगों की तलाश कर रहे हैं जो बाढ़ के तेज बहाव में बह गए हो सकते हैं।
नूरिस्तान के कई हिस्सों में हुई भारी बारिश के बाद यह बाढ़ आई। यह एक पहाड़ी इलाका है और यहाँ सड़कों की सीमित सुविधा होने के कारण राहत और बचाव कार्यों में काफी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
इनपुट: IANS



