मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, मौसम विभाग ने आंधी-तूफान और बिजली गिरने की चेतावनी दी
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिसके चलते कई जिलों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने सोमवार शाम को एक नई चेतावनी जारी की है…
मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है, जिसके चलते कई जिलों में मौसम का मिजाज बिगड़ सकता है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के भोपाल केंद्र ने सोमवार शाम को एक नई चेतावनी जारी की है, जिसमें राज्य के विभिन्न हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश, आंधी-तूफान और बिजली गिरने की आशंका जताई गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के अनुसार, इस अलर्ट को देखते हुए नागरिकों और प्रशासन को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
किन जिलों में है सबसे ज्यादा खतरा?
मौसम विभाग के मुताबिक, 8 जिलों — सीहोर, देवास, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, सिवनी, सागर और टीकमगढ़ — में मध्यम बारिश के साथ आंधी-तूफान और बिजली गिरने की प्रबल संभावना है। इन इलाकों में बारिश की तीव्रता 5 से 15 मिमी प्रति घंटे रह सकती है, जबकि वज्रपात की आशंका 30 से 60 प्रतिशत तक है।
इसके अलावा, प्रदेश के एक बड़े हिस्से में हल्की बारिश और बिजली चमकने का अनुमान है। इनमें हरदा, नर्मदापुरम, गुना, शिवपुरी, अशोकनगर, निवाड़ी, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, अनूपपुर, डिंडोरी, बालाघाट, जबलपुर, उमरिया, नरसिंहपुर, शाजापुर, राजगढ़, भोपाल और विदिशा समेत कई अन्य स्थान शामिल हैं।
संभावित प्रभाव और बचाव के उपाय
IMD ने भारी बारिश के कारण होने वाले संभावित खतरों की भी सूची जारी की है। विभाग ने चेताया है कि निचले इलाकों में पानी भर सकता है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात में रुकावट आ सकती है। इसके अलावा, पुराने और कमजोर मकानों को खतरा हो सकता है, बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है और खड़ी फसलों व बागानों को भी मामूली नुकसान पहुंच सकता है। विभाग ने जान-माल के नुकसान की छिटपुट घटनाओं की आशंका से भी इनकार नहीं किया है।
इन चेतावनियों के मद्देनज़र, नागरिकों को निचले इलाकों, नदियों और नालों के पास बने अस्थायी आश्रयों से दूर रहने की सलाह दी गई है। आंधी के दौरान पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने और मजबूत इमारतों में रहने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से उफनती नदियों और नालों से दूर रहने की अपील की है और मौसम की जानकारी के लिए आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने को कहा है।
इनपुट: IANS



