मध्य प्रदेश में मानसून की दस्तक: अगले 5 दिन भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, कई जिलों के लिए चेतावनी जारी
मध्य प्रदेश के निवासियों को अगले कुछ दिनों तक खराब मौसम का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य में अगले पांच दिनों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी
मध्य प्रदेश के निवासियों को अगले कुछ दिनों तक खराब मौसम का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य में अगले पांच दिनों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अलर्ट बुधवार से प्रभावी हो गया है और 5 जुलाई तक जारी रहेगा। इस दौरान 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना है।
मौसम में इस बदलाव की मुख्य वजह दक्षिण-पश्चिम मानसून का आगे बढ़ना, एक मौसमी निम्न दबाव का क्षेत्र और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ को बताया जा रहा है। इन प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रदेश में व्यापक वर्षा की स्थिति बन रही है।
किन जिलों में रहेगी मौसम की सबसे ज्यादा मार?
मौसम विभाग ने कुछ जिलों के लिए विशेष रूप से गंभीर चेतावनी जारी की है। 2 जुलाई को रायसेन, नर्मदापुरम, हरदा, छिंदवाड़ा, बालाघाट और पांढुर्ना में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी वर्षा होने की आशंका जताई गई है। इसके बाद के दिनों में बड़वानी, धार, हरदा, खरगोन, देवास और छिंदवाड़ा में भी इसी तरह की तेज बारिश की उम्मीद है।
इनके अलावा भोपाल, इंदौर, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर और चंबल संभाग के कई अन्य जिलों के लिए भी भारी बारिश, बिजली गिरने और आंधी का अलर्ट जारी किया गया है।
सोमवार को भी कई इलाकों में हुई झमाझम बारिश
सोमवार, 1 जुलाई को भी प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई। सबसे ज्यादा बारिश खरगोन में 115 मिलीमीटर हुई, जबकि आष्टा में 109 मिमी और पचमढ़ी में 88.4 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। देवास, सीहोर, हरदा, नर्मदापुरम, शिवपुरी, बेतूल, खंडवा, सतना और बालाघाट जैसे कई अन्य जिलों में भी भारी वर्षा हुई।
नागरिकों और किसानों के लिए सलाह
मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे आंधी-तूफान के दौरान घर के अंदर रहें, जलभराव वाले निचले इलाकों में जाने से बचें और खराब दृश्यता व तेज हवाओं के बीच यात्रा करते समय सावधानी बरतें। साथ ही, आपातकालीन किट तैयार रखने और आधिकारिक अपडेट पर नजर रखने को कहा गया है।
किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी खड़ी फसलों की सुरक्षा करें और बारिश के दौरान कीटनाशकों का छिड़काव न करें। हालांकि, इस तीव्र मानसूनी बारिश से गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन बाढ़ और जलजनित बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है।
इनपुट: IANS



