चंडीगढ़ CREST घोटाला: IFS अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव और पत्नी के खिलाफ CBI की चार्जशीट दाखिल
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हुए करोड़ों रुपए के सरकारी फंड घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए एक और चार्जशीट दाखिल की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह चार्जशीट…
आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हुए करोड़ों रुपए के सरकारी फंड घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने अपनी जांच का दायरा बढ़ाते हुए एक और चार्जशीट दाखिल की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह चार्जशीट चंडीगढ़ की ग्रीन एनर्जी सोसाइटी 'क्रेस्ट' के तत्कालीन CEO और भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी नवनीत श्रीवास्तव, उनकी पत्नी और उनकी कंपनी के खिलाफ दायर की गई है। मामला क्रेस्ट के बैंक खातों से 75.4 करोड़ रुपए की सरकारी राशि के गबन से जुड़ा है।
CBI ने बताया कि श्रीवास्तव पहले से ही न्यायिक हिरासत में हैं। जांच एजेंसी ने शुक्रवार को यह चार्जशीट विपम कंसल्टेंसी और उसकी डायरेक्टर (श्रीवास्तव की पत्नी) के खिलाफ भी दाखिल की। जांच में सामने आया है कि गबन की गई रकम में से 95 लाख रुपए इस कंपनी को मिले थे, जिसका इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया गया।
गबन, धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप
आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत आपराधिक साजिश, सबूत मिटाना, धोखाधड़ी, विश्वासघात, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों को असली बताकर इस्तेमाल करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इसके अलावा, उन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 2018 के तहत रिश्वतखोरी, आपराधिक कदाचार और अपराध में मदद करने के भी आरोप हैं। CBI के मुताबिक, क्रेस्ट के CEO के पद पर रहते हुए श्रीवास्तव ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया।
बड़े बैंकिंग फ्रॉड का हिस्सा है यह मामला
यह मामला चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में हुए एक बड़े बैंकिंग फ्रॉड का हिस्सा है। इस घोटाले में हरियाणा सरकार के आठ विभागों और संगठनों के लगभग 504 करोड़ रुपए की सरकारी राशि फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट और धोखाधड़ी वाले लेन-देन के जरिए निकाल ली गई थी। CBI ने पहले यह मामला चंडीगढ़ केंद्र शासित प्रदेश की जांच एजेंसियों से अपने हाथ में लिया था। इस केस में शुक्रवार को दाखिल चार्जशीट से पहले 13 अन्य आरोपियों के खिलाफ भी आरोप पत्र दाखिल किए जा चुके हैं।
इनपुट: IANS



