यमन में तनाव बढ़ा: हूती विद्रोहियों का दावा, सऊदी अरब ने 24 घंटे में किए 40 हवाई हमले
यमन में हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हवाई हमलों में भारी तेज़ी लाने का आरोप लगाया है। समूह का दावा है कि पिछले 24 घंटों के भीतर सऊदी लड़ाकू विमानों ने यमन के तीन प्रांतों में 40 बार बमबारी की है…
यमन में हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब पर हवाई हमलों में भारी तेज़ी लाने का आरोप लगाया है। समूह का दावा है कि पिछले 24 घंटों के भीतर सऊदी लड़ाकू विमानों ने यमन के तीन प्रांतों में 40 बार बमबारी की है। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारिया ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर यह जानकारी दी।
सारिया के बयान के मुताबिक, ये हमले सऊदी अरब के खमीस मुशैत एयर बेस से उड़ान भरने वाले F-15 लड़ाकू विमानों द्वारा किए गए। इन हमलों में दक्षिण-पश्चिमी प्रांत ताइज, उत्तर-पूर्वी मारिब और उत्तर-पश्चिमी हज्जाह को निशाना बनाया गया। हालांकि, इन कथित हमलों से हुए किसी भी तरह के नुकसान या हताहतों के बारे में तत्काल कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
सऊदी अरब की चुप्पी और हूती के अन्य दावे
हूती विद्रोहियों द्वारा लगाए गए इन आरोपों पर सऊदी अधिकारियों की ओर से अब तक कोई टिप्पणी नहीं की गई है। यह दावा यमन में संघर्ष के तेज होने के बीच आया है। बुधवार को ही हूतियों ने सऊदी अरब के पश्चिमी शहर यानबू में स्थित सऊदी अरामको की तेल सुविधाओं पर 'दर्जनों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन' दागने का भी दावा किया था। उन्होंने यह भी कहा कि खमीस मुशैत एयर बेस पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं, जो अपने लक्ष्य पर सटीक लगीं।
याह्या सारिया ने दावा किया कि यानबू पर हुए हमले से भारी नुकसान हुआ और बड़ी आग लग गई। इसके अतिरिक्त, हूतियों ने मारिब प्रांत के ऊपर सऊदी अरब का एक F-15 लड़ाकू विमान मार गिराने का भी दावा किया। सऊदी अरब और अरामको ने इन सभी दावों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
ज़मीनी संघर्ष भी तेज़
सितंबर की शुरुआत से ही यमन में हवाई हमलों के साथ-साथ ज़मीनी लड़ाई भी तेज़ हो गई है। एक यमनी सैन्य अधिकारी के अनुसार, बुधवार को दक्षिणी लाहज प्रांत की कहबूब पर्वत श्रृंखला में भीषण लड़ाई जारी रही, जिसमें सरकार समर्थक बलों के पांच सैनिक और 10 हूती लड़ाके मारे गए। यह इलाका सामरिक रूप से महत्वपूर्ण बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के पास स्थित है।
हाल के दिनों में हूतियों ने लाल सागर तट पर कई महत्वपूर्ण इलाकों पर कब्ज़ा किया है। उन्होंने 10 सितंबर को मोखा बंदरगाह और 11 सितंबर को बाब अल-मंदेब के बीच स्थित मायून द्वीप पर नियंत्रण हासिल कर लिया था। यमन का यह संघर्ष 2014 के अंत में शुरू हुआ था, जिसके बाद मार्च 2015 में सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने हस्तक्षेप किया।
इनपुट: IANS



