यमन: सऊदी हवाई हमले तेज, ताइज़ में सरकारी बलों और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष बढ़ा
यमन के दक्षिण-पश्चिमी शहर ताइज़ के आसपास सरकारी बलों और हूती विद्रोहियों के बीच ज़मीनी लड़ाई तेज़ हो गई है। इसी तनाव के बीच शनिवार को सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के लड़ाकू विमानों ने देश के…
यमन के दक्षिण-पश्चिमी शहर ताइज़ के आसपास सरकारी बलों और हूती विद्रोहियों के बीच ज़मीनी लड़ाई तेज़ हो गई है। इसी तनाव के बीच शनिवार को सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के लड़ाकू विमानों ने देश के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में हूती नियंत्रण वाले इलाकों पर कई हवाई हमले किए। समाचार एजेंसी IANS की एक रिपोर्ट के अनुसार, ये हमले हज्जाह और होदेदाह प्रांतों में किए गए।
हूती संचालित अल-मसीराह टीवी ने बताया कि हज्जाह प्रांत के अब्स ज़िले में छह हवाई हमले हुए, जिनमें तीन लोग घायल हो गए। चैनल ने बनी हातब क्षेत्र के गांवों पर भारी बमबारी और कुछ हमलों में क्लस्टर बमों के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया है। इसके अलावा, पड़ोसी होदेदाह प्रांत के बाजिल ज़िले में यमन पेट्रोलियम कंपनी के एक स्टेशन को भी निशाना बनाया गया, हालांकि इसमें किसी के हताहत होने की तत्काल कोई सूचना नहीं है। इन हमलों पर सऊदी अरब की ओर से कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं आई है।
ताइज़ में ज़मीनी लड़ाई और रणनीतिक बढ़त की कोशिश
ये हवाई हमले ऐसे समय में हुए हैं जब ताइज़ के आसपास संघर्ष बढ़ गया है। हूती लड़ाकों की हालिया बढ़त ने शहर की सुरक्षा कर रही सरकारी सेनाओं पर दबाव बढ़ा दिया है। एक सरकारी सैन्य सूत्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि ताइज़ के दक्षिण में स्थित साबिर अल-मवादिम ज़िले के अल-शाकब क्षेत्र में भीषण लड़ाई चल रही है।
सूत्र के मुताबिक, हूती लड़ाके रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण जबल साबिर पहाड़ की ओर बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं, जहाँ से पूरे ताइज़ शहर और आसपास के इलाकों पर नज़र रखी जा सकती है। सरकारी बल हूतियों को यह सैन्य लाभ हासिल करने से रोकने का प्रयास कर रहे हैं। यह बढ़ता तनाव उस व्यापक संघर्ष का हिस्सा है जिसमें सऊदी समर्थित सरकारी सेनाएं बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में हूतियों द्वारा हासिल की गई बढ़त को वापस लेने की कोशिश कर रही हैं।
यमन संकट की पृष्ठभूमि
यमन 2014 के अंत से गृहयुद्ध की चपेट में है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना सहित उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। इसके जवाब में, 2015 में सऊदी अरब के नेतृत्व में एक सैन्य गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में हस्तक्षेप किया, जो वर्तमान में दक्षिणी बंदरगाह शहर अदन से काम कर रही है।
इनपुट: IANS



