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बेंगलुरु HMT भूमि विवाद: केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी का कांग्रेस सरकार पर सीधा हमला, शिवकुमार की पुरानी भूमिका पर उठाए सवाल

बेंगलुरु में हिंदुस्तान मशीन टूल्स (HMT) की सैकड़ों एकड़ बेशकीमती ज़मीन निजी हाथों में जाने के पुराने मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी…

बेंगलुरु HMT भूमि विवाद: केंद्रीय मंत्री कुमारस्वामी का कांग्रेस सरकार पर सीधा हमला, शिवकुमार की पुरानी भूमिका पर उठाए सवाल
(फोटो: IANS)

बेंगलुरु में हिंदुस्तान मशीन टूल्स (HMT) की सैकड़ों एकड़ बेशकीमती ज़मीन निजी हाथों में जाने के पुराने मामले ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। केंद्रीय भारी उद्योग एवं इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने गुरुवार को कांग्रेस सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि यह ज़मीन तत्कालीन सरकार की मिलीभगत से हस्तांतरित हुई थी। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, कुमारस्वामी ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार की भूमिका पर सवाल उठाए हैं, जो उस दौरान शहरी विकास मंत्री थे।

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गुरुवार को एचएमटी की विभिन्न भूमियों का निरीक्षण करने के बाद कुमारस्वामी ने कहा कि उन्होंने अधिकारियों को इस मामले में हुई कथित अनियमितताओं पर एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा, "रिपोर्ट मिलते ही उचित कार्रवाई की जाएगी और पूरे मामले की गहन जांच शुरू की जाएगी।"

क्या हैं मुख्य आरोप?

कुमारस्वामी का मुख्य आरोप 1999 से 2004 के बीच की अवधि से जुड़ा है। उन्होंने दावा किया कि इसी दौरान तत्कालीन कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में लगभग 175 एकड़ एचएमटी भूमि निजी हाथों में चली गई। उन्होंने इस सौदे में एचएमटी के कुछ पूर्व अधिकारियों और प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत होने का भी आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधते हुए कुमारस्वामी ने कहा, "जो व्यक्ति आज बिदादी टाउनशिप परियोजना को आक्रामक तरीके से आगे बढ़ा रहा है, वही 1999 से 2004 के बीच शहरी विकास मंत्री रहते हुए एचएमटी की बहुमूल्य जमीन निजी हाथों में जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुका है।"

निरीक्षण और जांच का आश्वासन

केंद्रीय मंत्री ने कथित विवादित भूमि पर बने कई आवासीय परिसरों का दौरा किया, जिनमें एक्विला हाइट्स, गोवियानु एरिटिस, प्रेस्टिज केंसिंग्टन गार्डन्स और केकेआर एएमआर रूबी अपार्टमेंट्स शामिल हैं। उन्होंने नक्शे और दस्तावेज़ दिखाते हुए यह भी दावा किया कि उनके पास भूमि सौदों से लाभान्वित होने वालों का पूरा ब्योरा है। कुमारस्वामी ने कर्नाटक सरकार को चुनौती दी कि अगर वह गंभीर है तो इस कथित अतिक्रमित जमीन को वापस लेकर दिखाए।

अपने कार्यकाल को याद करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री कुमारस्वामी ने कहा कि 2006 में मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने ही एचएमटी भूमि के आगे हस्तांतरण पर रोक लगा दी थी। उन्होंने कहा, "मैंने स्पष्ट निर्देश दिए थे कि एचएमटी की कोई अतिरिक्त जमीन न बेची जाए और न ही उसका पंजीकरण किया जाए। इसी फैसले की वजह से आज भी एचएमटी की बड़ी भूमि सुरक्षित बची हुई है।"

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इसरो (ISRO) जैसे राष्ट्रीय संस्थानों को भूमि आवंटन पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। कुमारस्वामी ने बताया कि यह मामला फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में लंबित है और केंद्र सरकार एचएमटी के पुनरुद्धार के लिए पैकेज पर काम कर रही है।

इनपुट: IANS

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News4Social नेशनल डेस्क

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