HDFC बैंक: कर्ज़ और जमा में दमदार बढ़ोतरी, पर गवर्नेंस के मुद्दे अभी भी सुर्खियों में
देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अपने कारोबार में ज़बरदस्त वृद्धि दर्ज की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जून 2024 में समाप्त हुई तिमाही में बैंक के कर्ज़ (
देश के सबसे बड़े निजी बैंक HDFC बैंक ने चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में अपने कारोबार में ज़बरदस्त वृद्धि दर्ज की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, जून 2024 में समाप्त हुई तिमाही में बैंक के कर्ज़ (एडवांस) और जमा (डिपॉजिट), दोनों में दोहरे अंकों की मज़बूत बढ़ोतरी हुई है, जो बैंक के वित्तीय स्वास्थ्य का एक सकारात्मक संकेत है।
शुक्रवार, 4 जुलाई को एक्सचेंज फाइलिंग में बैंक द्वारा जारी किए गए बिजनेस अपडेट में यह जानकारी सामने आई। इन आँकड़ों के मुताबिक, बैंक की कुल जमा राशि पिछले साल की तुलना में 14.7% बढ़कर 31.70 लाख करोड़ रुपए पर पहुँच गई। इसी तरह, बैंक द्वारा दिए गए कुल कर्ज़ (ग्रॉस एडवांस) भी 15.4% की वार्षिक वृद्धि के साथ 30.61 लाख करोड़ रुपए हो गए।
जमा और कर्ज़ के आँकड़े
बैंक की जमा राशि में वृद्धि का मुख्य कारण टर्म डिपॉजिट (FDs) रहे, जो सालाना आधार पर 17% से ज़्यादा बढ़कर 21.45 लाख करोड़ रुपए के हो गए। वहीं, चालू और बचत खातों (CASA) की जमा राशि भी लगभग 9% की बढ़ोतरी के साथ 10.25 लाख करोड़ रुपए रही। इसके अलावा, बैंक का कुल एसेट अंडर मैनेजमेंट (AUM) भी जून तिमाही के अंत तक 12.4% बढ़कर 31.27 लाख करोड़ रुपए पर पहुँच गया।
कॉरपोरेट गवर्नेंस पर चिंताएँ
यह शानदार कारोबारी प्रदर्शन ऐसे समय में आया है जब HDFC बैंक कॉरपोरेट गवर्नेंस से जुड़े कुछ विवादों का भी सामना कर रहा है। इसी साल की शुरुआत में, बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतानु चक्रवर्ती ने यह कहते हुए इस्तीफ़ा दे दिया था कि बैंक में कुछ कार्यप्रणालियाँ उनके व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिक सिद्धांतों के अनुरूप नहीं थीं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाल ही में हुई बैंक की गवर्नेंस, नॉमिनेशन एंड रेम्यूनरेशन कमेटी (NRC) की बैठक में सीईओ की दोबारा नियुक्ति पर भी विचार नहीं किया गया। चक्रवर्ती ने मार्च में अपने इस्तीफ़े के बाद हुई कानूनी समीक्षा पर भी सवाल उठाए थे, उनका कहना था कि समीक्षा में केवल अनुपालन संबंधी मुद्दों पर ध्यान केंद्रित किया गया, जबकि उनकी व्यापक चिंताओं को नज़रअंदाज़ कर दिया गया।
नया नेतृत्व और शेयर बाज़ार का हाल
चक्रवर्ती के इस्तीफे के बाद, केकी मिस्त्री को अंतरिम चेयरमैन बनाया गया था। हाल ही में, केंद्र सरकार के पूर्व वित्त सचिव राजीव कुमार को तीन साल के लिए HDFC बैंक का नया पार्ट-टाइम चेयरमैन नियुक्त किया गया है। इन घटनाक्रमों के बीच, शुक्रवार को शेयर बाज़ार में HDFC बैंक का शेयर 1.77% की बढ़त के साथ 2,001.50 रुपए पर बंद हुआ। पिछले एक साल में शेयर में लगभग 22% की तेज़ी आई है, हालांकि पिछले छह महीनों में इसमें करीब 4% की गिरावट भी देखी गई है।
इनपुट: IANS



