सूरत के गांवों में विकास की नई लहर: 108 करोड़ की परियोजनाएं शुरू, बच्चों के लिए चलेगी 'डिजिटल बस'
गुजरात के सूरत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 108 करोड़ रुपये की…
गुजरात के सूरत जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए एक बड़ी पहल की गई है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 108 करोड़ रुपये की लागत वाली कुल 143 विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन किया। इन परियोजनाओं का लक्ष्य गांवों में सड़क, सिंचाई और अन्य सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाना है।
इस कार्यक्रम का एक मुख्य आकर्षण 'ई-कक्षा बस' की शुरुआत रही। यह एक चलती-फिरती कंप्यूटर प्रयोगशाला है, जिसे जिला पंचायत ने टोयोटा किर्लोस्कर के साथ मिलकर तैयार किया है। टोयोटा के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड से बनी इस बस का उद्देश्य जिले के पांच ब्लॉकों के दूर-दराज के सरकारी स्कूलों तक डिजिटल शिक्षा पहुंचाना है। यह बस हर महीने 10 से 15 स्कूलों के छात्रों को कंप्यूटर और डिजिटल साक्षरता का ज्ञान देगी।
विकास कार्यों का विस्तार
उपमुख्यमंत्री संघवी ने सूरत जिला पंचायत परिसर में आयोजित कार्यक्रम में 100 करोड़ रुपये की 104 नई परियोजनाओं की नींव रखी और 8 करोड़ रुपये की लागत से पूरे हो चुके 39 कार्यों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया भी मौजूद थे। इन विकास कार्यों में ग्रामीण संपर्क मार्ग, 60 से अधिक गांवों को लाभ पहुंचाने वाली सिंचाई योजनाएं और नए आंगनवाड़ी केंद्र शामिल हैं, जिनसे ग्रामीण जीवन में सुधार की उम्मीद है।
सरकार का ग्रामीण विकास पर जोर
हर्ष संघवी ने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा, "प्रशासन दूर-दराज के इलाकों में लोगों तक सुविधाएं पहुंचाने और ग्रामीण बच्चों व महिलाओं के लिए अवसर बेहतर बनाने के लिए काम कर रहा है।" उन्होंने सरकारी आवास योजनाओं में लाभार्थियों को छत के लिए शीट की जगह आरसीसी स्लैब देने के स्थानीय सुझाव की भी प्रशंसा की और हलपति समुदाय को जल्द पक्के घर दिलाने के लिए प्रशासन के प्रयासों को सराहा।
वहीं, मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने कहा कि राज्य सरकार 'अंत्योदय' दृष्टिकोण के तहत समाज के सबसे वंचित वर्गों तक शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसी सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने गुजरात की विकास यात्रा का श्रेय 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा रखी गई नींव को दिया। सूरत जिला पंचायत के अध्यक्ष समीरभाई मोदी ने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं से ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं और सड़क के बुनियादी ढांचे में बड़ा सुधार होगा।
इनपुट: IANS



