गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026 · नई दिल्ली
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गुजरात: सरकारी योजनाओं को बेहतर बनाने के लिए CM फेलोशिप कार्यक्रम का विस्तार, IIM-A बना नॉलेज पार्टनर

गुजरात में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को और प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य के प्रतिष्ठित 'सरदार पटेल गुड गवर्नेंस सीएम…

गुजरात: सरकारी योजनाओं को बेहतर बनाने के लिए CM फेलोशिप कार्यक्रम का विस्तार, IIM-A बना नॉलेज पार्टनर
(फोटो: IANS)

गुजरात में सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को और प्रभावी बनाने के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व वाली सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राज्य के प्रतिष्ठित 'सरदार पटेल गुड गवर्नेंस सीएम फेलोशिप प्रोग्राम' का विस्तार किया गया है, जिसके तहत अब ज्यादा युवा पेशेवर प्रशासन का हिस्सा बनकर नीति-निर्माण और सुधारों में योगदान दे सकेंगे। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, इस कार्यक्रम को और मजबूती देने के लिए इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद (IIM-A) को 'नॉलेज पार्टनर' के रूप में जोड़ा गया है।

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इस विस्तार के तहत, फेलो की संख्या 41 से बढ़ाकर 47 कर दी गई है, जबकि कार्यक्रम के अंतर्गत आने वाली परियोजनाओं को 20 से बढ़ाकर 45 कर दिया गया है। यह पहल युवा पेशेवरों को एक से दो साल तक सीधे राज्य प्रशासन के साथ काम करने का अवसर देती है, जिससे उन्हें सरकारी कामकाज का व्यावहारिक अनुभव मिलता है।

किन क्षेत्रों पर होगा फोकस?

इस विस्तारित कार्यक्रम का उद्देश्य स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि और शहरी विकास जैसे कई अहम क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं को लागू करने की बाधाओं को समझना और उन्हें दूर करना है। फेलो इन क्षेत्रों में काम करेंगे:

  • स्वास्थ्य एवं पोषण: आंगनवाड़ी सेवाओं, एनीमिया उन्मूलन, पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना और एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS) के क्रियान्वयन का अध्ययन किया जाएगा। साथ ही, सरकारी अस्पतालों में प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के दावों से जुड़ी चुनौतियों का विश्लेषण भी होगा।
  • कृषि: प्राकृतिक खेती को अपनाने में किसानों को आने वाली कठिनाइयों की जांच की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ उन तक पहुंचे।
  • शहरी विकास: राजकोट में नागरिक सेवाओं में सुधार और भावनगर में ठोस व गीले कचरे की रीसाइक्लिंग जैसी परियोजनाओं पर काम होगा। इसका लक्ष्य डेटा विश्लेषण के जरिए समस्याओं को पहले ही पहचानना और शिकायतों को दोबारा होने से रोकना है।

फेलो की भूमिका और तकनीक का उपयोग

ये फेलो सरकारी विभागों को सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी में मौजूद कमियों की पहचान करने में मदद करेंगे। वे उपलब्ध संसाधनों के उपयोग की जांच करेंगे और कामकाज को बेहतर बनाने के लिए व्यावहारिक उपाय सुझाएंगे। IANS के अनुसार, सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा जारी नए प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि जरूरत पड़ने पर डेटा के विश्लेषण और मुख्य मुद्दों की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित टूल्स का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि, AI से मिली किसी भी जानकारी को मूल दस्तावेजों से सत्यापित करना अनिवार्य होगा।

इस कार्यक्रम का लक्ष्य विभागों को चुनौतियों से निपटने के लिए व्यावहारिक सुझाव देना और राज्य के दीर्घकालिक विकास के लिए साक्ष्य-आधारित नीति अनुसंधान को बढ़ावा देना है।

इनपुट: IANS

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News4Social गुजरात डेस्क

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