अहमदाबाद: अवैध हथियार मामले में पूछताछ के दौरान हिस्ट्रीशीटर का हमला, जॉइंट कमिश्नर घायल
अहमदाबाद के चंदोला झील इलाके में अवैध हथियारों की बरामदगी के बाद पूछताछ के दौरान एक हिस्ट्रीशीटर ने क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी पर चाकू से हमला कर दिया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अधिकारी ने
अहमदाबाद के चंदोला झील इलाके में अवैध हथियारों की बरामदगी के बाद पूछताछ के दौरान एक हिस्ट्रीशीटर ने क्राइम ब्रांच के एक वरिष्ठ अधिकारी पर चाकू से हमला कर दिया। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, अधिकारी ने आत्मरक्षा में गोली चलाई, जिससे आरोपी घायल हो गया। इस घटना में जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (क्राइम) शरद सिंघल के हाथ में चोटें आई हैं।
यह घटना उस वक्त हुई जब क्राइम ब्रांच की टीम एक झोपड़ी में मोहम्मद कलीम उर्फ कलीम भाई अकबरखान पठान (34) से बरामद हुए चार हथियारों और कारतूसों के बारे में पूछताछ कर रही थी। आरोपी ने पास में रखा चाकू उठाकर जॉइंट कमिश्नर पर हमला कर दिया, जो उस समय सादे कपड़ों में थे।
चाकू से हमला और जवाबी कार्रवाई
जॉइंट कमिश्नर शरद सिंघल ने घटना के बारे में बताया, “हम उससे पूछताछ कर रहे थे, तभी उसने किचन में पड़े चाकू को उठाकर मेरे गले पर हमला करने की कोशिश की। मैंने बचाव में अपना बायां हाथ ऊपर किया, जिससे मेरे हाथ में चोट लग गई। उसने मुझ पर दो-तीन बार हमला किया।”
सिंघल के मुताबिक, आरोपी नशे की हालत में लग रहा था और बार-बार चेतावनी के बावजूद उसने चाकू नहीं छोड़ा। उन्होंने कहा, “हमने उसे चाकू फेंकने को कहा, लेकिन उसने नहीं सुना। इसके बाद मैंने इंस्पेक्टर इमरान घासुरा की सर्विस रिवॉल्वर लेकर उसके पैर में एक गोली चलाई, जिससे वह घायल हो गया।”
आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड
शाह आलम इलाके का रहने वाला कलीम एक मजदूर है और उसका लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। पुलिस के अनुसार, उस पर हत्या की कोशिश, लूट, चोरी और अवैध हथियार रखने जैसे 35 से ज्यादा गंभीर मामले दर्ज हैं। 2018 में उस पर पीएएसए एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास के तहत नए मामले दर्ज किए हैं। घटना के बाद, घायल अधिकारी और आरोपी दोनों को इलाज के लिए अहमदाबाद सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहाँ दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।
जांच और प्रक्रिया पर सवाल
प्रारंभिक जांच में पता चला है कि हथियार मध्य प्रदेश के रतलाम से लाए गए थे। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि ये हथियार किसने और किस मकसद से सप्लाई किए थे।
जॉइंट कमिश्नर सिंघल ने यह भी स्वीकार किया कि मौके पर ही पूछताछ करना एक गलती थी और भविष्य में इस प्रक्रिया की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने बताया कि आरोपी को यह नहीं पता था कि वह एक जॉइंट कमिश्नर से बात कर रहा है, क्योंकि वे सादे कपड़ों में थे।
इनपुट: IANS



