शुक्रवार, 10 जुलाई 2026 · नई दिल्ली
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गुजरात: यौन शक्ति की दवा के नाम पर हजारों लोगों से ठगी, पुलिस बन धमकाने वाले 7 गिरफ्तार

गुजरात में एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है जो सोशल मीडिया पर यौन शक्ति बढ़ाने वाली दवाओं का विज्ञापन देकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था और फिर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उनसे उगाही करता

गुजरात: यौन शक्ति की दवा के नाम पर हजारों लोगों से ठगी, पुलिस बन धमकाने वाले 7 गिरफ्तार
(फोटो: IANS)

गुजरात में एक ऐसे अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है जो सोशल मीडिया पर यौन शक्ति बढ़ाने वाली दवाओं का विज्ञापन देकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था और फिर खुद को पुलिस अधिकारी बताकर उनसे उगाही करता था। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, गुजरात पुलिस के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है और अहमदाबाद में चल रहे एक कॉल सेंटर पर भी छापा मारा है।

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प्रारंभिक जांच में यह अनुमान लगाया गया है कि इस गिरोह ने देशभर में लगभग 4,000 से 5,000 लोगों को अपना शिकार बनाया हो सकता है। आरोपी फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर दवाओं के आकर्षक विज्ञापन चलाते थे।

ऐसे काम करता था ठगी का पूरा नेटवर्क

गिरोह का तरीका बेहद शातिराना था। जब कोई ग्राहक विज्ञापन देखकर कैश ऑन डिलीवरी पर दवा मंगवा लेता, तो पार्सल पहुंचने और भुगतान होने के कुछ समय बाद गिरोह के सदस्य उसे फोन करते। वे खुद को पुलिस अधिकारी बताकर धमकाते थे कि खरीदी गई दवा प्रतिबंधित है और अगर गिरफ्तारी से बचना है तो उन्हें पैसे देने होंगे।

यहां तक कि जो लोग पार्सल लेने से इनकार कर देते थे, उन्हें भी नहीं बख्शा जाता था। उन्हें पहले डॉक्टर बनकर और फिर पुलिस अधिकारी बनकर फोन किया जाता और ऑनलाइन प्रतिबंधित दवा मंगाने के आरोप में FIR दर्ज होने की धमकी दी जाती। मामला रफा-दफा करने के नाम पर उनसे 2,000 रुपए से लेकर 1 लाख रुपए तक की वसूली की जाती थी।

दो राज्यों तक फैले थे तार

पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान अहमदाबाद के वस्त्राल इलाके में चल रहे 15 सीटों वाले एक कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया। इसके साथ ही, उत्तर प्रदेश के औरैया जिले के बिधूना में शुरू होने वाले एक और कॉल सेंटर को भी शुरू होने से पहले ही बंद करा दिया गया। इन दोनों जगहों पर छापेमारी कर सात लोगों को गिरफ्तार किया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान धीरेंद्र राजावत (36), आर्यन रावल (20), अनिरुद्ध भदौरिया (20), सुमित दिवाकर (20), देवप्रताप सिंह भदौरिया (20), देवेंद्र सिंह राजावत (33) और प्रिया कुर्मी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, धीरेंद्र राजावत इस गिरोह का मास्टरमाइंड था, जबकि प्रिया कुर्मी मैनेजर और टीम लीडर की भूमिका निभाती थी।

करोड़ों का लेनदेन और भारी मात्रा में सामान जब्त

जांच में 14 बैंक खातों का पता चला है, जिनमें 5 करोड़ रुपये से अधिक का लेनदेन हुआ है। इन खातों से जुड़ी छह शिकायतें पहले से ही राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर दर्ज हैं। छापेमारी में 44 मोबाइल फोन, 23 कंप्यूटर, दो लैपटॉप, बैंक पासबुक, चेक बुक और कई फर्जी कंपनियों की रबर स्टैंप समेत बड़ी मात्रा में आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई है। पुलिस ने लोगों को सोशल मीडिया पर दिखने वाले ऐसे विज्ञापनों से सतर्क रहने की अपील की है।

इनपुट: IANS

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News4Social वायर डेस्क

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