अहमदाबाद में खाद्य सुरक्षा पर बड़ी कार्रवाई: मिलावटी खाने के मामलों में 150% की भारी बढ़ोतरी
अहमदाबाद में खाद्य सुरक्षा को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। शहर में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अहमदाबाद नगर निगम (AMC) के खाद्य सुरक्षा विभाग के…
अहमदाबाद में खाद्य सुरक्षा को लेकर चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं। शहर में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता में भारी गिरावट दर्ज की गई है। अहमदाबाद नगर निगम (AMC) के खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, इस साल पहले दस महीनों (जनवरी-अक्टूबर 2026) में गैर-मानक यानी सबस्टैंडर्ड पाए गए खाद्य नमूनों की संख्या पिछले साल की तुलना में लगभग 150 प्रतिशत बढ़ गई है। समाचार एजेंसी IANS की रिपोर्ट के मुताबिक, यह आंकड़ा 2025 में इसी अवधि के 131 मामलों से बढ़कर 2026 में 327 पर पहुंच गया है।
विभाग ने इस साल जांच का दायरा भी बढ़ाया। जनवरी से अक्टूबर 2026 के बीच कुल 7,339 खाद्य नमूने एकत्र किए गए, जबकि पिछले साल यह संख्या 4,071 थी। इस बढ़ी हुई जांच और कार्रवाई के परिणामस्वरूप प्रशासनिक शुल्क की वसूली भी 62.11 लाख रुपए से बढ़कर 1.01 करोड़ रुपए हो गई है, जो नियमों के उल्लंघन की गंभीरता को दर्शाता है।
हालिया निरीक्षण और चौंकाने वाले नतीजे
विभाग ने 1 अक्टूबर से 2 नवंबर 2026 के बीच एक विशेष अभियान चलाया, जिसमें अहमदाबाद के विभिन्न इलाकों से 841 नमूने लिए गए। इनमें मिठाइयों, दूध उत्पादों, नमकीन, मसालों और तेल सहित कई तरह की खाद्य वस्तुएं शामिल थीं। जांच में इनमें से 27 नमूने गैर-मानक पाए गए, जबकि कुछ को 'असुरक्षित' भी करार दिया गया। इसके बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
गैर-मानक पाए गए उत्पादों में कई जाने-पहचाने नाम शामिल हैं। दरियापुर की गुजरात डेयरी और वस्त्राल की विजय डेयरी से लिया गया खुला घी, सरखेज के ओम फूड सेंटर का मक्खन, और मणिनगर के जनता फास्ट फूड का टमाटर सॉस मानकों पर खरे नहीं उतरे। इसके अलावा, कई लोकप्रिय फूड जॉइंट्स जैसे निकोल स्थित सूरती लाइव ढोकला और लक्ष्य लाइव चूल्हा डोसा के मक्खन के नमूने भी फेल हो गए।
19 प्रतिष्ठान सील, 1300 किलो से ज्यादा सामान नष्ट
एक महीने के इस अभियान के दौरान, एएमसी ने 2,226 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और स्वच्छता तथा अन्य नियमों के उल्लंघन के लिए 660 नोटिस जारी किए। इस अवधि में करीब 1,345 किलोग्राम या लीटर खराब खाद्य सामग्री को नष्ट किया गया और 11,28,500 रुपये का प्रशासनिक शुल्क वसूला गया।
गंभीर उल्लंघनों के कारण 19 प्रतिष्ठानों को सील या बंद कर दिया गया। इन पर बिना FSSAI लाइसेंस के काम करने, अस्वच्छता, सॉस बनाने में मिलावटी सामग्री का उपयोग करने और खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन न करने जैसे आरोप थे। कार्रवाई की जद में आने वालों में नरोदा का अशरफी मटन एंड चिकन, राखियाल की अरमान बेकरी और गोटा का आई श्री खोडियार गृह उद्योग शामिल हैं। नारणपुरा स्थित मां भजिया पकोड़ा को भी इसलिए सील किया गया क्योंकि उसके तलने वाले तेल में टीपीसी (टोटल पोलर कंपाउंड्स) का स्तर 27.5 पाया गया, जो तय सीमा से अधिक है।
आगे भी जारी रहेगी सख्ती
खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि आने वाले दिनों में यह अभियान और तेज किया जाएगा। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि बिना लाइसेंस या खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ FSSAI और गुजरात प्रांतीय नगर निगम अधिनियम (जीपीएमसी) के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इनपुट: IANS



