इजरायल: नेतन्याहू सरकार का भविष्य अनिश्चित, कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने नई सरकार की संभावना जताई
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने इजरायल के मौजूदा राजनीतिक हालात पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार के दिन "गिने-चुने" रह गए हैं। उन्होंने संभावना जताई…
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने इजरायल के मौजूदा राजनीतिक हालात पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार के दिन "गिने-चुने" रह गए हैं। उन्होंने संभावना जताई है कि सोमवार तक देश में एक वैकल्पिक सरकार का गठन हो सकता है, जिससे नेतन्याहू की कुर्सी पर संकट मंडराता दिख रहा है।
तिरुवनंतपुरम में समाचार एजेंसी IANS से बात करते हुए थरूर ने इजरायल की जटिल चुनावी प्रणाली पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वहां पार्टियों को मिले वोट प्रतिशत के आधार पर संसद (नेसेट) में सीटें आवंटित होती हैं। इस व्यवस्था के कारण अक्सर किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल पाता, जिससे सरकार बनाने के लिए कई दलों का गठबंधन जरूरी हो जाता है।
सरकार गठन के समीकरण
शशि थरूर के अनुसार, चुनाव के बाद अब विभिन्न राजनीतिक दल सरकार बनाने के लिए समीकरण बैठाने में जुटे हैं। एक तरफ जहां नेतन्याहू का गठबंधन है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी खेमा भी दावा पेश कर रहा है। इस बीच, अरब-इजरायली पार्टियों के गठबंधन को भी कुछ सीटें मिली हैं, जो सरकार गठन में अहम भूमिका निभा सकता है।
उन्होंने कहा कि अरब दलों ने गादी आइजनकोट को समर्थन देने का फैसला किया है। वहीं, नेतन्याहू के सहयोगी दल 'यूनाइटेड तोराह यहूदी धर्म पार्टी' ने मतदान में तटस्थ रहने का निर्णय लिया है। इन developments के बाद, आइजनकोट के समर्थकों ने राष्ट्रपति से उन्हें सरकार बनाने का न्योता देने की मांग की है। हालांकि, राष्ट्रपति अंतिम निर्णय लेने से पहले सभी राजनीतिक दलों से बातचीत करना चाहते हैं।
राष्ट्रपति की भूमिका और विश्वास मत
थरूर ने बताया कि इजरायली व्यवस्था में राष्ट्रपति पहले किसी नेता को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं। इसके बाद उस नेता को संसद (नेसेट) में विश्वास मत हासिल करना होता है। विश्वास मत जीतने के बाद ही नई सरकार आधिकारिक तौर पर कामकाज संभाल पाती है।
कांग्रेस सांसद ने कहा, "मौजूदा हालात को देखते हुए ऐसा लगता है कि बेंजामिन नेतन्याहू की सरकार के दिन अब गिने-चुने रह गए हैं।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि रविवार और सोमवार को इजरायल से आने वाली राजनीतिक खबरें महत्वपूर्ण होंगी, क्योंकि राष्ट्रपति की विभिन्न दलों से बातचीत के बाद ही अगली सरकार की तस्वीर साफ हो पाएगी।
इनपुट: IANS



