गुजरात: त्योहारों से पहले अमित शाह ने की सुरक्षा समीक्षा, लव जिहाद से लेकर साइबर क्राइम तक पर हुई चर्चा
दीपावली से ठीक पहले, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। शनिवार को अहमदाबाद में हुई इस बैठक में कानून-व्यवस्था से लेकर…
दीपावली से ठीक पहले, केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने गुजरात में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। शनिवार को अहमदाबाद में हुई इस बैठक में कानून-व्यवस्था से लेकर नागरिक सुरक्षा तक के कई संवेदनशील मुद्दों की व्यापक समीक्षा की गई। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, बैठक में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और गृह राज्य मंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद रहे।
इस अहम बैठक में केंद्रीय गृह मंत्रालय, राज्य के गृह विभाग और विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया। केंद्रीय गृह मंत्री ने अधिकारियों के साथ कई विषयों पर विचार-विमर्श कर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया।
कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा पर फोकस
बैठक के दौरान राज्य के गृह विभाग ने कानून-व्यवस्था से जुड़े विभिन्न मामलों पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी। इस दौरान अमित शाह ने अकाल की स्थिति, किसानों की समस्याओं, लव जिहाद, आर्थिक अपराध और सीमावर्ती जिलों में अतिक्रमण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर राज्य सरकार को जरूरी सुझाव और दिशा-निर्देश दिए।
अधिकारियों ने गृह मंत्री को राज्य में अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों की स्थिति, पॉक्सो और नारकोटिक्स (NDPS) मामलों, आपराधिक न्याय प्रणाली के डिजिटलीकरण (ICJS/CCTNS), और जांच से जुड़ी विभिन्न तकनीकी प्रणालियों की प्रगति से भी अवगत कराया।
साइबर सुरक्षा से लेकर तटीय निगरानी तक
बैठक में सुरक्षा के आधुनिक पहलुओं पर भी गहन चर्चा हुई। साइबर क्राइम से निपटने के लिए उठाए जा रहे कदमों, 1930 हेल्पलाइन, आतंकवाद नियंत्रण के लिए मॉडल एटीएस (Anti-Terrorism Squad) की संरचना और विदेशी नागरिकों पर निगरानी जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श किया गया।
इसके अलावा, गुजरात की लंबी तटरेखा को देखते हुए तटीय सुरक्षा (Coastal Security) की स्थिति, सीमा पर संदिग्ध गतिविधियों और वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम की प्रगति की भी समीक्षा की गई। आपदा प्रबंधन के तहत एसडीआरएफ की स्थापना और क्षमता निर्माण पर भी चर्चा हुई। बैठक में न्यायपालिका से जुड़े मामले, जैसे कि अदालतों में भर्तियां और पब्लिक प्रॉसीक्यूशन सिस्टम को मजबूत करने पर भी बात की गई।
नशामुक्त भारत का लक्ष्य
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वर्ष 2029 तक 'नशामुक्त भारत' के लक्ष्य को साकार करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने राज्य में नशीले पदार्थों पर नियंत्रण के लिए कड़ाई से कार्रवाई करने, एक ठोस एक्शन प्लान बनाने और सभी एजेंसियों द्वारा सघन अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया।
इनपुट: IANS



