मंगलवार, 1 सितम्बर 2026 · नई दिल्ली
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भारत की 7.8% GDP वृद्धि: गुजरात के मुख्यमंत्री और PM मोदी ने सराहा, 'स्वदेशी' पर दिया जोर

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 7.8 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर्ज की है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच हासिल हुई इस आर्थिक तेजी…

भारत की 7.8% GDP वृद्धि: गुजरात के मुख्यमंत्री और PM मोदी ने सराहा, 'स्वदेशी' पर दिया जोर
(फोटो: IANS)

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था ने उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 7.8 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर्ज की है। वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच हासिल हुई इस आर्थिक तेजी की गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सराहना की है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, यह वृद्धि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 7 प्रतिशत और बाजार के करीब 7.1 प्रतिशत के अनुमान से कहीं ज़्यादा है।

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सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही के दौरान नॉमिनल जीडीपी में 10.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई, जबकि रियल ग्रॉस वैल्यू एडेड (GVA) 8.2 प्रतिशत की दर से बढ़ा। यह मजबूत आर्थिक गति दिखाती है कि मुश्किल वैश्विक माहौल के बावजूद देश की अर्थव्यवस्था पटरी पर है।

नेताओं ने विकास को कैसे सराहा?

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने इस उपलब्धि को 1.4 अरब भारतीयों के अटूट संकल्प और कड़ी मेहनत का नतीजा बताया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और नीतियों को इसका श्रेय देते हुए 'विकसित भारत' के लक्ष्य के लिए 'स्वदेशी', 'वोकल फॉर लोकल' और 'आत्मनिर्भर भारत' पर अधिक ध्यान देने की बात कही।

वहीं, राज्य के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने भी इन आंकड़ों का स्वागत करते हुए कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं, तेल की कीमतों के दबाव और सप्लाई चेन की चुनौतियों के बावजूद भारत विकास के पथ पर अग्रसर है। उन्होंने इसका श्रेय केंद्र सरकार के नेतृत्व को दिया।

प्रधानमंत्री मोदी का 'स्वदेशी' पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी एक वीडियो संदेश में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि को एक बड़ी उपलब्धि बताया, खासकर तब जब दुनिया युद्ध, अस्थिरता और सप्लाई चेन की बाधाओं का सामना कर रही है। उन्होंने इस आर्थिक प्रदर्शन का श्रेय देश की जनता को दिया। इसी मौके पर प्रधानमंत्री ने नागरिकों से 'स्वदेशी' आंदोलन को मजबूत करने की अपील की, जिसमें गैर-जरूरी विदेश यात्राओं, विदेशों में शादियों से बचने और सोने पर अनावश्यक खर्च कम करने जैसे सुझाव शामिल थे।

अर्थव्यवस्था के प्रमुख संकेतक

इस तिमाही के दौरान अर्थव्यवस्था के कई क्षेत्रों ने शानदार प्रदर्शन किया। विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र में 9.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके अलावा, वित्तीय, रियल एस्टेट और पेशेवर सेवाओं में भी उल्लेखनीय विस्तार देखने को मिला। निजी निवेश में आई तेजी और मजबूत घरेलू खपत ने विकास को महत्वपूर्ण सहारा दिया। यह बयान गुजरात सरकार द्वारा नई दिल्ली में 'वाइब्रेंट गुजरात ग्लोबल समिट 2027' के कर्टेन-रेजर कार्यक्रम के ठीक एक दिन बाद आया है, जिसमें राज्य में निवेश को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया था।

इनपुट: IANS

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