SCO शिखर सम्मेलन: PM मोदी ने आतंकवाद पर दोहरे मापदंड खत्म करने और कनेक्टिविटी बढ़ाने का किया आह्वान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के मंच से आतंकवाद को मानवता के लिए एक गंभीर खतरा बताते हुए इसके इको-सिस्टम को खत्म करने के लिए ठोस कार्रवाई का आह्वान किया है। समाचार एजेंसी IANS…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के मंच से आतंकवाद को मानवता के लिए एक गंभीर खतरा बताते हुए इसके इको-सिस्टम को खत्म करने के लिए ठोस कार्रवाई का आह्वान किया है। समाचार एजेंसी IANS के अनुसार, बिश्केक में आयोजित 26वें SCO शिखर सम्मेलन में उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में किसी भी तरह का दोहरा मापदंड नहीं अपनाया जाना चाहिए।
मंगलवार को किर्गिस्तान में संपन्न हुए इस शिखर सम्मेलन के बाद प्रधानमंत्री मोदी अपना सफल दौरा पूरा कर नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। अपने संबोधन की शुरुआत में उन्होंने मेजबान देश किर्गिज गणराज्य के राष्ट्रपति सादिर झापारोव का स्नेह और मेहमाननवाजी के लिए धन्यवाद दिया।
सहयोग और संपर्क पर भारत का दृष्टिकोण
प्रधानमंत्री मोदी ने सदस्य देशों को याद दिलाया कि पिछले शिखर सम्मेलन में भारत ने सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसर पर अपना दृष्टिकोण साझा किया था। उन्होंने कहा कि अब समूह को इन तीन स्तंभों पर ठोस परिणाम हासिल करने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने दोहराया कि संघर्षों का समाधान युद्ध के मैदान में नहीं हो सकता, बल्कि बातचीत और कूटनीति ही आगे बढ़ने का एकमात्र रास्ता है।
कनेक्टिविटी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए पीएम मोदी ने कहा कि समूह की साझा प्रगति और समृद्धि के लिए मजबूत और भरोसेमंद पहल आवश्यक हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ऐसी कनेक्टिविटी कोशिशों का समर्थन करता है जो बाजारों को जोड़ती हैं, व्यापार बढ़ाती हैं और विकास के नए अवसर खोलती हैं, लेकिन इन कोशिशों में देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए।
द्विपक्षीय मुलाकातें और भविष्य की राह
इस आयोजन के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने कई राष्ट्राध्यक्षों से भी मुलाकात की। उन्होंने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग, लाओस के राष्ट्रपति थोंगलोउन सिसोउलिथ और तजाकिस्तान के राष्ट्रपति इमोमाली रहमोन के साथ अलग-अलग बैठकें कीं, जिनमें आपसी संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। उन्होंने यह भी कहा कि SCO की 25वीं वर्षगांठ अगले 25 वर्षों के लिए एक रोडमैप तैयार करने का सही समय है, जो बातचीत और सहयोग की मजबूत परंपरा को आगे बढ़ाएगा।
इनपुट: IANS



