सूरत में बाढ़: मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राहत कार्यों की समीक्षा की, 7300 से ज़्यादा लोग सुरक्षित निकाले गए
गुजरात के सूरत शहर में लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण बने बाढ़ जैसे हालात के बीच मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की। समाचार एजेंसी
गुजरात के सूरत शहर में लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण बने बाढ़ जैसे हालात के बीच मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुरुवार को राहत और बचाव कार्यों की समीक्षा के लिए एक उच्च-स्तरीय बैठक की। समाचार एजेंसी IANS के मुताबिक, यह बैठक सूरत नगर निगम कार्यालय में आयोजित की गई, जिसमें शहर के जलमग्न इलाकों में चल रहे राहत कार्यों का जायजा लिया गया।
लगातार कई दिनों की भारी बारिश ने सूरत के जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है, जिससे कई रिहायशी और व्यावसायिक इलाके पानी में डूब गए हैं। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, बुधवार सुबह तक पिछले 24 घंटों में शहर में 358 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिसने गंभीर जलभराव की स्थिति पैदा कर दी।
उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक
इस अहम बैठक में मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल, राज्य के गृह मंत्री हर्ष संघवी, वित्त मंत्री कनुभाई देसाई और स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पंशेरिया समेत कई वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हुए। गृह मंत्री हर्ष संघवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट के जरिए इस बैठक की जानकारी दी।
राहत और बचाव कार्य जारी
प्रशासन की टीमें बाढ़ प्रभावितों तक मदद पहुँचाने और स्थिति सामान्य करने में जुटी हैं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF), राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और अन्य एजेंसियों ने मिलकर अब तक जलमग्न क्षेत्रों से 7,386 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया है। गुरुवार को बारिश कुछ थमने के बावजूद शहर की सड़कों, बाजारों और औद्योगिक क्षेत्रों में पानी भरा हुआ है। प्रशासन पानी निकालने और आवश्यक सेवाओं को फिर से बहाल करने के लिए लगातार काम कर रहा है।
राज्य में भारी बारिश के कारण कई लोगों की जान जाने की भी खबर है। इस बीच, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कुछ हिस्सों में फिर से भारी बारिश की चेतावनी जारी की है, जिसके चलते प्रशासन को अलर्ट पर रखा गया है और सभी ज़रूरी तैयारियों के निर्देश दिए गए हैं।
इनपुट: IANS



